
अगरतला, 4 जून . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का त्रिपुरा दौरा भारत-बांग्लादेश सीमा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. Thursday शाम शिलांग से अगरतला पहुंचे अमित शाह Friday को सीमा सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करेंगे.
इस दौरान वह सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का आकलन करेंगे तथा घुसपैठ, सीमा पार अपराध, तस्करी और सीमा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे.
अगरतला के महाराजा बीर बिक्रम हवाई अड्डे पर त्रिपुरा के Chief Minister माणिक साहा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक देबराय, राज्यसभा सदस्य राजिब भट्टाचार्जी, अगरतला नगर निगम के मेयर दीपक मजूमदार, मुख्य सचिव जेके सिन्हा, डीजीपी अनुराग समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने गृह मंत्री का स्वागत किया.
अधिकारियों के अनुसार, अमित शाह Friday को पहले पश्चिम त्रिपुरा जिले के कुछ सीमा क्षेत्रों का दौरा करेंगे और जमीनी हालात का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे. इसके बाद वह बीएसएफ फ्रंटियर मुख्यालय में बीएसएफ, राज्य Police और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे.
बैठक में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने, घुसपैठ रोकने, तस्करी पर लगाम लगाने और सीमा प्रबंधन को प्रभावी बनाने पर चर्चा होगी. अधिकारियों का कहना है कि इस समीक्षा बैठक के बाद सीमा पर निगरानी और सतर्कता को और बढ़ाया जाएगा, साथ ही सीमा बाड़ के दोनों ओर स्थित आबादी वाले क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी.
गृह मंत्री अपने दौरे के दौरान सीमा क्षेत्र में कुछ महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे. इसके अलावा वह पौधरोपण कार्यक्रम और सैनिक सम्मेलन (सैनिक सम्मान समारोह) में भी हिस्सा लेंगे.
Chief Minister माणिक साहा ने कहा कि राज्य Government पहले ही गृह मंत्री से अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा कर स्थिति की समीक्षा करने का आग्रह कर चुकी थी. केंद्र Government की स्मार्ट बॉर्डर परियोजना के तहत त्रिपुरा को भी आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा प्रणाली का लाभ मिलेगा. इसके तहत ड्रोन, रडार, अत्याधुनिक निगरानी कैमरे और अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाएगा. ऐसी व्यवस्था असम और पश्चिम बंगाल में भी लागू की जाएगी.
त्रिपुरा की बांग्लादेश के साथ 856 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, और यह राज्य तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा हुआ है. यही कारण है कि यह क्षेत्र घुसपैठ, तस्करी, अवैध व्यापार और अन्य सीमा पार अपराधों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है. करीब 21 किलोमीटर कठिन भूभाग को छोड़कर अधिकांश सीमा पर बाड़ लगाई जा चुकी है.
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एबीएम
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