कांग्रेस में घमासान के बीच कर्नाटक में समय से पहले चुनाव तय: कर्नाटक भाजपा प्रमुख विजयेंद्र

शिवमोग्गा, 27 मई . कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने Wednesday को कहा कि Chief Minister बदलने को लेकर कांग्रेस आलाकमान की कथित पहल सिद्दारमैया Government की प्रशासनिक विफलता को स्वीकार करने जैसा है. उन्होंने दावा किया कि राज्य में समय से पहले विधानसभा चुनाव अब तय हो चुके हैं.

विजयेंद्र ने कहा, “राज्य में समय से पहले चुनाव को अब कोई नहीं रोक सकता.”

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि Tuesday (26 मई) को दिल्ली में करीब पांच से साढ़े पांच घंटे तक चली मैराथन बैठकों के बाद Chief Minister से इस्तीफा लेने का अंतिम फैसला किया गया. उन्होंने कहा कि यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि कर्नाटक में कांग्रेस अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है.

एक सवाल के जवाब में विजयेंद्र ने कहा कि सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद चाहे जो भी Chief Minister बने, वह केवल अस्थायी होगा. उन्होंने दोहराया कि कर्नाटक में समय से पहले चुनाव को कोई नहीं रोक सकता.

उन्होंने कहा कि जैसे ही सिद्दारमैया इस्तीफा देंगे, उसके बाद पैदा होने वाली Political असमंजस की स्थिति जनता के सामने आ जाएगी, चाहे अगला Chief Minister कोई भी बने.

एक अन्य सवाल पर विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान के फैसले के बाद सिद्दारमैया निश्चित रूप से इस्तीफा देंगे. हालांकि, अगला Chief Minister कौन होगा, यह केवल भगवान ही जानता है.

उन्होंने कहा कि यह सब कर्नाटक में कांग्रेस के पतन का संकेत है. विजयेंद्र ने स्पष्ट किया कि उनकी सिद्दारमैया से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है और वह उन्हें दक्षिण India के सबसे अनुभवी मुख्यमंत्रियों में से एक मानते हैं. हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने राज्य को लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ तले दबा दिया है.

उन्होंने कहा कि लोगों को समझना चाहिए कि कर्नाटक कर्ज के जाल में फंस चुका है. उनके अनुसार असली मुद्दा यह नहीं है कि अगला Chief Minister कौन बनेगा, बल्कि यह है कि राज्य किस दिशा में जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के अंदरूनी संघर्ष ने शासन व्यवस्था को पूरी तरह कमजोर कर दिया है.

विजयेंद्र ने वाल्मीकि निगम घोटाले और ‘मुदा’ घोटाले का जिक्र करते हुए Government पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. उन्होंने कुछ अधिकारियों की कथित आत्महत्या की घटनाओं का भी उल्लेख किया.

उन्होंने कहा कि उपचुनावों में जीत को सुशासन का पैमाना नहीं माना जा सकता. अगर उपचुनाव की जीत ही सुशासन का पैमाना होती, तो सिद्दारमैया को इस्तीफे की नौबत नहीं आती.

विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस Government भ्रष्टाचार में डूब चुकी है, राज्य में विकास कार्य ठप हो गए हैं और इसी वजह से नेतृत्व परिवर्तन की नौबत आई है.

डीएससी