‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा के बीच संजय राउत का एकनाथ शिंदे पर तंज, बोले- सत्ता की वजह से ऐसी बातें कर रहे

Mumbai , 20 जून . Maharashtra की राजनीति में इन दिनों चर्चित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. इसी कड़ी में शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने Maharashtra के उपChief Minister एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा.

संजय राउत ने कहा कि एकनाथ शिंदे के बातों को इतनी गंभीरता देनी की जरूरत नहीं है.

संजय राउत ने कहा, “आप एकनाथ शिंदे की बातों को इतनी गंभीरता क्यों देते हैं? वह कोई बड़े नेता नहीं हैं. वह एक बेईमान नेता हैं, जिन्होंने शिवसेना को तोड़ा. इसी तरह सुवेंदु अधिकारी के बातों को भी गंभीरता मत दीजिए. ये सभी ऐसे लोग हैं जिन्होंने उन्हें Political पहचान देने वाले मंच के साथ विश्वासघात किया है.”

संजय राउत ने कहा कि जब तक ऐसे लोगों के हाथ में सत्ता और पैसा है, तब तक वे इस तरह की बातें करते रहेंगे. उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “जिस दिन सत्ता और पैसा उनके हाथ से निकल जाएगा, उस दिन जनता उनके बदन पर कपड़े भी नहीं रहने देगी.”

दरअसल, यह बयान एकनाथ शिंदे के उस हालिया बयान के बाद आया है, जिसमें Maharashtra के डिप्टी सीएम ने शिवसेना और महायुति गठबंधन की मजबूती का दावा किया था. एकनाथ शिंदे ने कहा था कि शिवसेना की स्थापना 60 साल पहले किसानों, मजदूरों, बहनों और आम लोगों की सेवा के लिए हुई थी.

उन्होंने कहा कि उनके सभी सांसद और विधायक उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और ‘यह सिर्फ ट्रेलर है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है.’

एकनाथ शिंदे ने Prime Minister Narendra Modi की तारीफ करते हुए उन्हें स्वच्छ छवि वाला नेता बताया. उन्होंने कहा कि हिंदुओं और देश के लिए जो काम Prime Minister मोदी ने किए हैं, वह बालासाहेब ठाकरे का सपना था. वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने और नक्सलवाद को समाप्त करने का काम किया.

डिप्टी सीएम शिंदे ने यह भी कहा कि शिवसेना भगवा विचारधारा की पहचान है और जिन्होंने इस विचारधारा को भुलाया, उन्हें Political नुकसान उठाना पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि सबसे पहले एनसीपी और बाद में कांग्रेस ने शिवसेना को तोड़ने का काम किया.

गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ Maharashtra की राजनीति में उस कथित अभियान को कहा जा रहा है, जिसके तहत एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं और सांसदों को अपने साथ लाने की कोशिश किए जाने की चर्चा है.

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