नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच सीएम सिद्धारमैया ने कहा-‘दिल्ली दौरे पर कल स्थिति स्पष्ट करूंगा’

Bengaluru, 27 मई . कर्नाटक में नेतृत्व में संभावित बदलाव को लेकर चल रही जोरदार अटकलों के बीच Chief Minister सिद्धारमैया ने Wednesday को कहा कि वह अपनी दिल्ली यात्रा और कांग्रेस आलाकमान के साथ हुई मुलाकातों के बारे में Thursday को विस्तार से बात करेंगे.

पूर्व Prime Minister जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सिद्धारमैया ने Chief Minister के रूप में अपने बने रहने को लेकर चल रही अटकलों से जुड़े सवालों का सीधा जवाब देने से परहेज किया.

दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ हुई चर्चाओं के बारे में पूछे जाने पर सिद्धारमैया ने कहा कि मैं बाद में बात करूंगा. जब पत्रकारों ने पूछा कि वह इस मुद्दे पर कब स्पष्टीकरण देंगे तो Chief Minister ने जवाब दिया कि मैं कल हर मुद्दे पर बात करूंगा. इस कार्यक्रम में सिद्धारमैया ने नेहरू को श्रद्धांजलि दी और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया.

सिद्धारमैया ने कहा कि India की आजादी के बाद जवाहरलाल नेहरू देश के पहले Prime Minister बने और उन्होंने 17 वर्षों तक देश की सेवा की. आधुनिक India के निर्माण में नेहरू ने अहम भूमिका निभाई और राष्ट्र के विकास में उनका योगदान अतुलनीय था.

इस बीच, कर्नाटक के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री केएच मुनियप्पा ने कहा कि Thursday को Chief Minister द्वारा बुलाई गई बैठक के बाद नेतृत्व के मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है.

मुनियप्पा ने कहा कि सिद्धारमैया एक जननेता हैं और हर किसी को यह स्वीकार करना होगा. उन्होंने कल नाश्ते पर एक बैठक बुलाई है और नेतृत्व के मुद्दे को लेकर जो भी भ्रम है, वह सब दूर हो जाएगा.

जब उनसे पूछा गया कि क्या नेतृत्व में बदलाव की स्थिति में वह किसी दलित को Chief Minister बनाने की मांग उठाएंगे, तो मुनियप्पा ने कहा कि मैं पार्टी का एक अनुशासित सिपाही हूं और आलाकमान के फैसले का पालन करूंगा.

मुनियप्पा कर्नाटक में दलित समुदाय से आने वाले कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक माने जाते हैं. मगदी से कांग्रेस विधायक एचसी बालकृष्ण ने उपChief Minister डीके शिवकुमार को अगला Chief Minister बनाने की अपनी मांग को दोहराया.

बालकृष्ण ने कहा कि मैंने शिवकुमार के लिए Chief Minister पद की मांग की है और मैं अपने इस बयान पर कायम हूं. सिद्धारमैया और एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आशीर्वाद के बिना कोई भी Chief Minister नहीं बन सकता. मैं हमेशा शिवकुमार के समर्थन में अपनी आवाज उठाता रहूंंगा.

वहीं, वरिष्ठ भाजपा नेता और विधान परिषद में नेता विपक्ष चलवाडी नारायणस्वामी ने भी इन घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया दी और कांग्रेस पार्टी पर तंज कसा.

उन्होंने कहा कि आखिरकार हाथी ने बच्चा दे ही दिया. तमाम मांगों और दबाव के बाद शिवकुमार ही Chief Minister बनेंगे. राज्य के लिए कुछ भी अच्छा नहीं होने वाला है. सिद्धारमैया पद छोड़ देंगे और शिवकुमार उस पर काबिज हो जाएंगे. इसके अलावा, कुछ भी नहीं बदलेगा. 2028 में कर्नाटक में भाजपा सत्ता में आएगी.

इस बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आलाकमान ने यह मान लिया है कि कर्नाटक Government पिछले तीन सालों में लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई है.

विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि दिल्ली में लंबी बैठकों के बाद आलाकमान ने सिद्धारमैया का इस्तीफा मांगने का फैसला किया है. पूरे देश में कांग्रेस पार्टी का अंत करीब है और कर्नाटक भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है.

उन्होंने दावा किया कि सिद्धारमैया Thursday को या उसके अगले दिन अपना इस्तीफा दे सकते हैं. अगले Chief Minister कौन होंगे, यह बात ज्यादा मायने नहीं रखती.

विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि सिद्धारमैया को एक अनुभवी नेता माना जाता है, इसके बावजूद उन्होंने लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेकर राज्य को कर्ज में डुबो दिया है.

बढ़ती अटकलों और विरोधाभासी Political बयानों के बावजूद कांग्रेस हाईकमान ने अभी तक कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है.

डीकेएम/पीएम