
New Delhi, 13 अप्रैल . Lok Sabha के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने Monday को असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा पर भ्रष्टाचार और राज्य मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उन पर हमला किया. यह बयान कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के मामले में चल रही कानूनी लड़ाई के बीच आया है.
राहुल गांधी ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि असम के Chief Minister देश में सबसे भ्रष्ट हैं और उन्होंने कहा कि वे कानून से नहीं बच पाएंगे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य Government Political विरोधियों और आलोचकों को परेशान करने के लिए सत्ता का दुरुपयोग कर रही है और इसे संविधान के खिलाफ बताया.
राहुल गांधी ने लिखा, ”जो सवाल उठाए जा रहे हैं, उनकी जांच होनी चाहिए. सत्ता में पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून का शासन हमारे संवैधानिक मूल्यों की बुनियाद हैं.” उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी पवन खेड़ा के साथ मजबूती से खड़ी है और डरने वाली नहीं है.
यह बयान उस समय आया है जब असम Government ने पवन खेड़ा को मिली अग्रिम जमानत को चुनौती देने की कार्रवाई तेज कर दी है.
राज्य Government ने इस मामले में तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा दी गई राहत के खिलाफ Supreme Court का रुख किया है. यह मामला कांग्रेस नेता द्वारा Chief Minister की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर लगाए गए आरोपों से जुड़ा है.
खेड़ा ने पहले आरोप लगाया था कि रिनिकी भुइयां सरमा का संबंध अमेरिका के व्योमिंग स्थित एक कंपनी से है और Chief Minister तथा उनके परिवार से जुड़े बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का दावा किया था.
इन आरोपों में बड़ी राशि और कई पासपोर्ट से जुड़े दावे शामिल हैं, जिन्हें असम के Chief Minister ने सख्ती से खारिज किया है.
तेलंगाना हाई कोर्ट ने 10 अप्रैल को खेड़ा को ट्रांजिट अग्रिम जमानत देते हुए कहा था कि उनकी गिरफ्तारी की आशंका उचित प्रतीत होती है. हालांकि, अदालत ने कुछ शर्तें भी लगाईं, जैसे जांच में सहयोग करना, बिना अनुमति विदेश यात्रा पर रोक, और जांच को प्रभावित करने वाले बयान देने से बचना.
इसके बाद असम Government ने इस राहत को रद्द कराने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है, और संभावना है कि इस मामले पर इसी हफ्ते सुनवाई होगी.
इस Political विवाद ने आगामी महत्वपूर्ण Political घटनाओं से पहले माहौल को और गरमा दिया है, जहां कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं, जिससे असम Government और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ता दिख रहा है.
–
एएमटी/डीकेपी
Skip to content