अमेर‍िकी शायद हमारी समझ को अपनी बुद्धि की तरह कमजोर मान रहे हैं, हम पहचानते हैं उनकी हर चाल : गालिबाफ

New Delhi, 20 जुलाई . अमेरिका की ओर से जारी हमले और बयानबाजी पर ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने तीखी प्रत‍िक्र‍िया दी. उन्‍होंने कहा क‍ि अमेर‍िक‍ियों ने शायद हमारी समझ को अपनी बुद्धि की तरह ही कमजोर मान रखा है, लेक‍िन अब हम उनकी चाल को अच्‍छे से समझते हैं.

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर ल‍िखा, ”अमेरिकी लोग लगातार इस क्षेत्र में नए सैन्य उपकरण ला रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि वे युद्ध रोकना चाहते हैं. उन्होंने शायद हमारी समझ को अपनी बुद्धि की तरह ही कमजोर मान रखा है.”

उन्‍होंने कहा क‍ि अब हम अमेरिकी चालों को पहचानने में काफी माहिर हो चुके हैं और इसी आधार पर हमने खुद को तैयार किया है. किसी के कहे हुए शब्दों से ज्यादा जरूरी है कि उसके काम भी वही साबित करें. हमारे कार्यों से दावों की पुष्टि होनी चाहिए, उनका खंडन नहीं.

अमेर‍िका और ईरान के बीच एमओयू समझौता टूटने के बाद दोबारा जारी जंग से म‍िड‍िल ईस्‍ट में तनाव के हालात बने हुए हैं. दोनों ही ओर से लगातार हमले जारी हैं.

दोनों देशों के बीच नौ द‍िनों से जारी जंग में एक ओर ईरान खाड़ी देशों में अमेर‍िकी सैन्‍य ठ‍िकानों को न‍िशाना बना रहा है, तो वहीं दूसरी ओर अमेर‍िका लगातार ईरान पर हमले कर रहा है.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों का एक नया दौर शुरू हुआ है और इसका मकसद ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है.

वहीं, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने ऑपरेशन ‘सैकेह’ (लाइटनिंग) के तहत कुवैत में मौजूद अमेरिका के दो बड़े सैन्य ठिकानों पर जबरदस्त हमले किए. ईरानी सेना का कहना है कि अमेरिका की ओर से बार-बार किए जा रहे घातक हमलों के जवाब में ये कार्रवाई की जा रही है.

इस बीच Monday को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने मध्यस्थों की तरफ से प्रस्ताव भेजे जाने की बात कही. हालांक‍ि, उन्‍होंने क‍िसी की जानकारी साझा नहीं की.

India में ईरानी दूतावास ने अपने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में जानकारी साझा करते हुए ल‍िखा, ”ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि हमें मध्यस्थों की तरफ से कुछ प्रस्ताव मिले हैं, लेकिन इस समय मैं उनकी जानकारी साझा नहीं करना चाहूंगा. मैं इतनी पुष्टि जरूर कर सकता हूं कि ऐसे प्रस्ताव हमें भेजे गए हैं.”

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका के साथ युद्ध तब तक नहीं रुकेगा, जब तक हमें लड़ाई में मजबूत बढ़त नहीं मिल जाती.

सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “बातचीत भी तभी होनी चाहिए, जब ईरान ऐसी स्थिति में हो, जहां उसे लगे कि हालात उसके पक्ष में हैं.”

एवाई/एबीएम