अमेरिका ने सराहा भारत का ऊर्जा संतुलन, नेताओं ने बताया बड़ी कूटनीतिक जीत

New Delhi, 27 जून . अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की ओर से India की ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति के समर्थन का वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और नेताओं ने स्‍वागत क‍िया और इसे एक ‘बड़ी कूटनीतिक जीत’ बताया.

को दिए एक खास इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में India एक वैश्विक ताकत बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लिए जा रहे फैसलों में उसकी भागीदारी लगातार बढ़ रही है.

रुबियो के इस बयान पर ऑस्ट्रेलिया इंडिया स्ट्रैटेजिक अलायंस के चेयरमैन जगविंदर सिंह विर्क ने कहा, “यह एक बड़ी कूटनीतिक जीत है. यह दिखाता है कि India क्या कर सकता है. पूरी दुनिया में पेट्रोल और डीजल के दाम करीब 50 प्रतिशत तक बढ़े हैं. लेकिन India में तमाम मुश्किलों के बावजूद डीजल के दाम ज्यादा नहीं बढ़े और पेट्रोल में भी सिर्फ पांच, सात या दस रुपये तक की बढ़ोतरी हुई, जो दस प्रतिशत से भी कम है.”

उन्होंने से कहा, “युद्ध जैसी परिस्थितियों के असर को संभालना India Government की बड़ी उपलब्धि रही है. यह कूटनीतिक सफलता दिखाती है कि India ने किस तरह के रिश्ते बनाए हैं. अब अमेरिका और दूसरे देश भी इसे स्वीकार कर रहे हैं.”

विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि जब से Prime Minister मोदी ने जिम्मेदारी संभाली है, उनका एकमात्र लक्ष्य देश को मजबूत बनाना रहा है.

उन्होंने कहा, “देश को सामाजिक स्तर पर मजबूत करना, आंतरिक सुरक्षा को बेहतर करना और बाहरी खतरों से निपटने के लिए देश को तैयार करना. Prime Minister मोदी ने इन सभी क्षेत्रों में पूरी कोशिश की है. इसी तरह अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप भी ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ के नारे के साथ सत्ता में आए थे.”

इसी तरह की बात रखते हुए जॉर्डन, लीबिया और माल्टा में India के पूर्व राजदूत अनिल त्रिगुनायत ने India को दुनिया का ‘सबसे बड़ा और मजबूत लोकतंत्र और सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था’ बताया.

उन्होंने कहा, “तकनीक के क्षेत्र में भी India ने काफी प्रगति की है, खासकर रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में. हमारी ऊर्जा सुरक्षा भी बहुत जरूरी है. ईरान संघर्ष और उससे पैदा हुए तनाव के कारण India ने अपनी ऊर्जा नीतियों में बदलाव करते हुए अलग-अलग स्रोतों से ऊर्जा हासिल करने पर ध्यान दिया है.”

त्रिगुनायत ने कहा कि India के सामने घरेलू स्तर पर कुछ चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन आज उसकी विदेश नीति मजबूत और हालात के हिसाब से खुद को ढालने वाली है.

जम्मू-कश्मीर के पूर्व Police महानिदेशक (डीजीपी) एसपी वैद ने कहा, “India शायद एशिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां पश्चिम एशिया संकट के बावजूद कीमतों में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई. जो भी महंगाई आई, उसका बोझ भारतीय Government ने संभाला. आम लोगों को इस संकट का ज्यादा भार नहीं उठाना पड़ा, जिसका श्रेय Government को जाता है.”

एवाई/डीकेपी