
तेहरान, 1 जून . अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर जारी उठापटक के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अभी जो कुछ भी कहा जा रहा है, वह अटकलें हैं और उन्हें महत्व नहीं दिया जाना चाहिए. ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत और संदेशों का आदान-प्रदान अभी भी जारी है.
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी (आईआरएनए) के अनुसार, ईरान के सरकारी टीवी चैनल से बातचीत करते हुए विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत अभी जारी है और जब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आता, तब तक उसके बारे में कोई अंतिम राय नहीं बनाई जा सकती.
उन्होंने कहा कि इस समय ईरान-अमेरिका वार्ता को लेकर जो भी बातें कही जा रही हैं, वे सिर्फ अनुमान हैं और उन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए.
तेहरान और वाशिंगटन के बीच आठ अप्रैल को युद्धविराम लागू होने के बाद से बातचीत जारी है.
इस युद्धविराम ने 40 दिनों तक चले जवाबी हवाई हमलों के दौर को रोक दिया. यह संघर्ष तब शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी. उस समय ईरान और अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक बातचीत भी कर रहे थे.
दोनों पक्ष इस मुद्दे पर समाधान निकालने के लिए तीन दौर की वार्ता कर चुके थे. पिछले साल भी ईरान और अमेरिका परमाणु वार्ताओं में शामिल थे, जब 13 जून को इजरायल ने ईरान पर हमला किया था.
इन दोनों अनुभवों का हवाला देते हुए ईरान का कहना है कि मौजूदा बातचीत का मुख्य उद्देश्य युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करना होना चाहिए. इसके बाद परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी वार्ताएं आगे बढ़ाई जानी चाहिए.
इस बीच, ईरान की राजनीति को लेकर स्थिति और भी जटिल बताई जा रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के President मसूद पेजेश्कियन ने मोज्तबा खामेनेई को अपना इस्तीफा सौंपने का एक पत्र भेजा है. यह जानकारी लंदन स्थित ईरानी विपक्षी वेबसाइट ‘ईरान इंटरनेशनल’ से जुड़े एक सूत्र ने दी है, लेकिन ईरान Government ने इस खबर को तुरंत खारिज कर दिया और इसे ‘झूठी मीडिया रिपोर्ट’ बताया.
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एवाई/एएस
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