
Patna, 26 जुलाई, . बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल और जेडीयू सांसद दिलेश्वर ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, नीट पेपर लीक और पश्चिम बंगाल हिंसा को लेकर प्रतिक्रिया दी. दिलीप जायसवाल ने दावा किया कि अमेरिका, चीन और Pakistan जैसे देश India में अस्थिरता और अशांति चाहते हैं.
कारगिल विजय दिवस पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने से कहा, “कारगिल युद्ध और उस लड़ाई में हमारी बहादुर भारतीय सेना ने जिस तरह से जवाब दिया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता. हम उन बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने इस युद्ध में लड़ाई लड़ी. हम कारगिल विजय दिवस को वीरता के दिन के तौर पर मनाते हैं और भारतीय सेना की ताकत और साहस का जश्न मनाते हैं.”
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट पेपर लेकर मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, “राजनीति को एक तरफ रखकर, मैं यह कहना चाहता हूं कि यह 140 करोड़ लोगों का देश है और 25 लाख छात्र नीट परीक्षा में शामिल होते हैं. एक सॉल्वर गैंग और कुछ प्रभावशाली लोगों ने इस साजिश को अंजाम दिया. मेरा मानना है कि जांच में यह भी देखा जाना चाहिए कि क्या विपक्षी Political दल इसमें शामिल थे. देश की जनता समझती है कि देश-विरोधी ताकतें देश की शांति भंग करना चाहती हैं. अमेरिका, चीन और Pakistan जैसे देश India में अस्थिरता और अशांति चाहते हैं. इस देश के लोग सभी चीजों को समझ रहे हैं. आने वाले समय में उचित फैसला भी लेंगे. धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी नैतिक जिम्मेदारी ली है, जो एक स्वागतयोग्य कदम है.”
पश्चिम बंगाल में ‘वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज एक्ट, 2026’ के तहत दर्ज सात First Information Report पर जायसवाल ने कहा, “पश्चिम बंगाल की जनता ने लंबे समय तक टीएमसी Government को झेला है. पश्चिम बंगाल Government उस गुंडागर्दी को खत्म करने के लिए लगातार कोशिश कर रही है.”
वहीं, दिल्ली के जंतर-मंतर में विरोध प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जेडीयू सांसद दिलेश्वर कामायत ने कहा, “छात्रों के आंदोलन को लेकर Prime Minister Narendra Modi ने पहले कहा था कि यह बहुत ही संवेदनशील मामला है. Prime Minister की छात्रों के प्रति काफी सहानभूति है. नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया. Prime Minister ने कहा था कि पेपर लीक करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा और सदन में बिल लाकर कड़ी सजा का प्रावधान किया. लेकिन कुछ हमारे विरोधी लोगों ने छात्र आंदोलन को भड़काया. छात्रों की मांगों को मानते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है.”
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ओपी/एएस
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