
सूरत, 28 मई . Gujarat Government की ‘वतन प्रेम योजना’ के तहत बारडोली तालुका के नानी भटलाव गांव में स्थापित आधुनिक लाइब्रेरी आदर्श बन गई है. यह लाइब्रेरी सोसायटी और Government के सहयोग से कैसे बदलाव ला सकती है, इसका बेहतरीन उदाहरण है.
जानकारी के अनुसार, नानी भटलाव गांव के युवा सरपंच अंकित चौधरी ने वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान गांव के युवाओं को पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक जर्जर कम्युनिटी हॉल में लाइब्रेरी की शुरुआत की थी. शुरू में सीमित संसाधनों के साथ चली यह लाइब्रेरी आज Gujarat Government की ‘वतन प्रेम योजना’ के अंतर्गत प्रवासी भारतीय प्रतापभाई पंड्या द्वारा दिए गए 7 लाख रुपए के दान और 10.50 लाख रुपए की सरकारी अनुदान राशि से दो मंजिला आधुनिक भवन में तब्दील हो चुकी है.
यह लाइब्रेरी अब आसपास के 15 से 20 गांवों के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का प्रमुख केंद्र बन गई है. लाइब्रेरी की क्षमता 123 विद्यार्थियों की है, और रोजाना 100 से अधिक छात्र-छात्राएं यहां पढ़ने आते हैं. खास बात यह है कि लाइब्रेरी 24 घंटे खुली रहती है और पूरी तरह नि:शुल्क है. किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जाती.
इस लाइब्रेरी में सभी विषयों की पुस्तकें उपलब्ध हैं, वाई-फाई सुविधा है और ऑनलाइन अध्ययन की व्यवस्था भी मौजूद है.
विद्यार्थी निश्चल चौधरी ने से बात करते हुए कहा कि मैं पास के गांव बड़वानी से आता हूं. मैं पिछले एक साल से सरकारी जॉब की तैयारी कर रहा हूं. लाइब्रेरी तो बहुत ही ज्यादा उपयोगी है. जब से मैंने जॉइन किया, तब से मतलब 24 घंटे लाइब्रेरी खुली होती है. इसके लिए शुल्क नहीं लिया जाता है और कोई भी किताब वगैरह चाहिए हमें पढ़ने के लिए तो वो मिल जाती है.
विद्यार्थी श्वेताबेन चौधरी ने कहा, “लाइब्रेरी में सुविधा की बात करें तो 24 घंटे निशुल्क बैठने की सुविधा है. लड़कियां हों या लड़के, सभी के लिए उपलब्ध है जो भी बुक्स चाहिए, जब भी चाहिए, वो मिल जाती हैं. यहां तक कि कोई एग्जाम है उससे संबंधित कॉम्पिटिटिव टेस्ट भी लिए जाते हैं. एग्जाम में जिस तरह से हॉल में बैठकर एग्जाम देते हैं, वही अनुभव हम यहां भी करते हैं.
दरअसल, यह आदिवासी बहुल क्षेत्र है और छात्र-छात्राओं के पास पढ़ाई के सीमित विकल्प हैं. 24 घंटे खुली रहने वाली इस मॉडर्न लाइब्रेरी में स्टूडेंट्स के लिए सभी विषयों की पुस्तकें उपलब्ध हैं, साथ ही वाईफाई की सुविधा भी है, ताकि वे ऑनलाइन पढ़ाई भी कर सकें.
नानी भटलाव गांव के युवा सरपंच अंकित चौधरी ने कहा कि अभी 123 विद्यार्थियों की कैपेसिटी वाली हमारी लाइब्रेरी है और दूसरा ये कि हमारी लाइब्रेरी में लगभग 15 से 20 गांवों के विद्यार्थी रेगुलर आते हैं और उन लोगों के लिए हमने सुविधा में वाई-फाई प्लस सभी बुक्स प्रोवाइड करवाई हैं. विद्यार्थियों के एग्जाम सेंटर सूरत, Ahmedabad या गांधीनगर में होते हैं तो उन्हें वहां तक ले जाने की व्यवस्था भी हम लाइब्रेरी की तरफ से करते हैं.
बता दें कि इस लाइब्रेरी में रोजाना 100 से अधिक स्टूडेंट्स पढ़ने आते हैं. दूर से आने वाले परीक्षार्थियों को कोई दिक्कत न हो और वे यहां रह कर पढ़ाई कर सकें, इसके लिए एक हॉस्टल भी बनाया जा रहा है. बीते वर्षों में इस लाइब्रेरी में पढ़ाई करने वाले कई स्टूडेंट अलग-अलग कंपटीटिव एग्जाम्स में सलेक्ट हो चुके हैं और सरकारी व प्राइवेट सेक्टर में नौकरी कर रहे हैं. Government की वतन प्रेम योजना के तहत विकसित यह लाइब्रेरी आज पूरे Gujarat को प्रेरित कर रही है.
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डीकेपी
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