आलोक कंसल पश्चिम रेलवे के नये महाप्रबंधक ने कार्यभार संभाला

अहमदाबाद . भारतीय रेल इंजीनियरी सेवा (IRSE) के 1983 बैच के वरिष्ठ अधिकारी आलोक कंसल ने मंगलवार पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया. पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पद का कार्यभार ग्रहण करने के पहले आलोक कंसल रेलवे बोर्ड में प्रधान कार्यपालक निदेशक/सिविल इंजीनियरिंग (योजना) के पद पर कार्यरत थे.

कंसल ने रूड़की विश्वाविद्यालय से सिवि‍ल इंजीनियरिंग में स्वहर्ण पदक के साथ अपना ग्रेजुएशन पूरा किया. कंसल ने इसी इंस्टीनट्यूट से स्ट्र क्च्रल इंजीनियरिंग में भी स्व र्ण पदक के साथ अपनी मास्टंर डिग्री भी हासिल की. कंसल अब तक अपने कैरियर के दौरान अनेक महत्व् अ पूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं. अब तक कंसल भारतीय रेल इंजीनियरी सेवा में 35 वर्षों का लम्बाा अनुभव प्राप्तु है.

कंसल भारतीय रेल की पहली शताब्दी एक्सवप्रेस, हाई स्पी्ड ट्रेन की शुरुआत से जुड़े पहले इंजीनियरिंग सहायक अधिकारी थे. कंसल को हाई स्पीपड एवं हैवी डेंसिटी ट्रैफिक रूट के परिचालन एवं अनुरक्षण में 18 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव प्राप्तं है. कंसल भारतीय रेल के सबसे बड़े मंडल दिल्लीं मंडल की इंजीनियरिंग शाखा के प्रधान थे तथा बिलासपुर एवं उत्तलर रेलवे जोन में मुख्यल ट्रैक इंजीनियर के तौर पर कार्य कर चुके हैं. कंसल ने उत्तीर रेलवे, उत्त‍र मध्यी रेलवे एवं पश्चिम मध्य रेलवे के राजधानी रूटों पर पहले वेहिक्यूकलर UDFD को अंतिम रूप देने में महत्‍त्वतपूर्ण भूमिका निभाई है.

कंसल को व्यपस्तकतम उत्तUर रेलवे पर ट्रैक मशीनों के सबसे बड़े फ्लीट के वर्क्सक एवं प्रबंधन के प्रोक्योयरमेंट की विशेषज्ञता प्राप्तै है. यह विलक्षण अनुभव केवल कुछ गिने-चुने सिविल इंजीनियरों के पास ही है. निर्माण इंजीनियर के तौर पर कंसल ने गोल्ड न क्वा्डिलेटरल एवं पूर्व मध्य रेलवे पर गेज परिवर्तन, दोहरीकरण परियोजना की अनेक महत्व्अ पूर्ण परियोजनाओं को निष्पायदित किया है. मुंबई के ठाणे-क्रीक ब्रिज पर सबसे लम्बेा (2 किमी) पीएससी बॉक्सय गर्डर (54.5 मीटर स्पैतन) के अहम कार्य को आपके निर्देशन में निष्पायदित किया गया.

कंसल को एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा प्रायोजित परियोजनाओं एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंसी कंसेप्टप का समृद्ध अनुभव प्राप्तह है, जो आरवीएनएल द्वारा भारतीय रेल पर पहली बार शुरू किया गया. कंसल द्वारा सम्भांले गये विभिन्नत दायित्वों् में दक्षिण पूर्व मध्या रेलवे के नागपुर मंडल का मंडल रेल प्रबंधक पद सबसे अहम है, जिसके अंतर्गत महत्व्वोंपूर्ण ऑपरेशनल इंटरचेंज पॉइंट शामिल है, जो बिलासपुर जोन के मालभाड़ा लदान के लिए महत्व्ल पूर्ण केन्द्रभ है. कंसल मानवयुक्तक फाटक, पुलों के रिहैबिलिटेशन, जो इस अवधि में तीन गुना से भी अधिक बढ़ गया जैसे सिविल इंजीनियरिंग के सभी विषयों सहित रेलवे बोर्ड में नीति निर्धारण प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं.

कंसल लम्बी रेल, ट्रैक रिनुअल के उत्पा दन की वृद्धि भी सहायक रहे हैं, जब कंसल अपर सदस्य्/सिविल इंजीनियरिंग के पद पर कार्यरत थे. कंसल ने “A-Z फॉर क्वाेलिटी कंट्रोल एंड इंस्पेकक्श्न ऑफ कॉन्किरीट स्लीपपर्स” शीर्षक तथा “लर्निंग द फर्स्ट स्टेवप बाय ए रेलवे इंजीनियर” शीर्षक से दो पुस्तककें भी लिखी हैं, जो भारतीय रेल के फील्डद में नियुक्ते सभी सहायक मंडल इंजीनियरों के लिए प्रैक्टिकल गाइड के रूप में महत्व्ती पूर्ण मार्गदर्शन देती हैं. कंसल को IRSE में 35 वर्षों से अधिक का अनुभव है तथा आपने अपने निर्देशन में विभिन्नत परियोजनाओं को संरचनात्मपक एवं अनुशासन से परिपूर्ण दृष्टिकोण से अंजाम तक पहुँचाया है.

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