
New Delhi, 10 अगस्त . हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है.
11 अगस्त 2026 (Tuesday ) को श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि, रात 01:53 बजे तक है. इसके बाद अमावस्या लग जाएगी. इस दिन सावन महीने की शिवरात्रि है. भगवान भोलेनाथ की पूजा करना विशेष फलदाई होगा. Tuesday को विधि-विधान से महादेव की आराधना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
Tuesday को सुबह 6:05 बजे सूर्योदय और शाम 6:58 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, सुबह 4:10 बजे चंद्रोदय और शाम 6:07 बजे चंद्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार, 11 अगस्त 2026 को सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में विराजमान रहेगा, जबकि चंद्रमा सुबह 10:09 बजे तक पुनर्वासु नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेगा.
Tuesday को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि शाम 6:51 बजे तक सिद्धि योग रहेगा. इसके बाद व्यतिपात योग लगेगा. इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:57 तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. अमृत काल सुबह 7:58 से 9:25 बजे तक रहेगा.
वहीं, राहुकाल दोपहर 3:45 बजे से 5:22 बजे और गुलिक काल दोपहर 12:32 से दोपहर 2:08 बजे तक रहेगा. इसके अलावा यमगंड काल सुबह 9:18 से 10:55 बजे तक रहेगा. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है.
Tuesday को इस दिन सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा भी कर्क राशि में स्थित रहेगा. उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है.
–
एसडी/एएस
Skip to content