
रांची, 21 जुलाई . Jharkhand में मंत्रियों और ब्यूरोक्रेसी के बीच कथित टकराव को लेकर भाजपा ने राज्य Government पर जुबानी हमला किया. भाजपा के Jharkhand प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने आरोप लगाया कि राज्य के वरिष्ठ मंत्रियों की लगातार अनदेखी की जा रही है और Chief Minister हेमंत सोरेन की चुप्पी यह संकेत देती है कि शीर्ष स्तर के अधिकारियों को Government का संरक्षण प्राप्त है. यदि समय रहते इस विवाद का समाधान नहीं निकाला गया तो शासन व्यवस्था पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है.
प्रदीप सिन्हा ने से खास बातचीत में कहा कि पिछले लगभग एक महीने से वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा उठाए गए मुद्दों को लेकर पत्राचार हो रहा है और उससे जुड़ी कई बातें सार्वजनिक भी हो चुकी हैं. यह स्थिति बेहद चिंताजनक है. लोकतांत्रिक व्यवस्था में कार्यपालिका और विधायिका दोनों की अपनी-अपनी जिम्मेदारियां और सीमाएं तय हैं. दोनों को एक दूसरे के साथ समन्वय बनाकर काम करना चाहिए. लेकिन यदि वरिष्ठ मंत्री की लगातार अवहेलना हो रही है और Chief Minister इस पूरे मामले पर मौन हैं, तो इससे गलत संदेश जाता है.
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि Chief Minister को इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान निकालना चाहिए था, लेकिन उनकी चुप्पी से ऐसा प्रतीत होता है कि शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारियों को खुली छूट दी गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि Government की ओर से अधिकारियों को यह संदेश दिया जा रहा है कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी.
उन्होंने हाल की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य के डीजीपी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनका फोन नहीं उठाया गया. इतना ही नहीं, व्हाट्सएप मैसेज का भी जवाब नहीं दिया गया और बाद में कॉल बैक तक नहीं किया गया. प्रदीप सिन्हा ने इसे Political दलों के प्रति असम्मानजनक व्यवहार बताते हुए कहा कि Chief Minister को इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर नौकरशाही को उसकी संवैधानिक और प्रशासनिक सीमाओं के भीतर काम करने के निर्देश देने चाहिए.
जब उनसे पूछा गया कि क्या यह सब Chief Minister के इशारे पर हो रहा है, तो उन्होंने दावा किया कि बिल्कुल इशारे पर हो रहा है. उन्होंने कहा कि यदि राज्य का एक वरिष्ठ मंत्री किसी अधिकारी से मिलने जाए और उसे 15 मिनट तक इंतजार करना पड़े, तो यह स्पष्ट संकेत है कि हालात नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं. इसी कारण कांग्रेस के Jharkhand प्रभारी के राजू को भी इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा. हालांकि, भाजपा का आरोप है कि उनके बयान में समस्या के समाधान की कोई स्पष्ट दिशा नहीं दिखी और उन्होंने Chief Minister से बातचीत करने की बात भी नहीं कही. उन्होंने केवल कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के साथ खड़े रहने की अपील की.
प्रदीप सिन्हा ने राज्य Government पर मीडिया की स्वतंत्रता को प्रभावित करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट भवन में पत्रकारों के प्रवेश पर रोक जैसी स्थिति चिंता का विषय है. यदि पत्रकारों को सूचना के स्रोतों तक पहुंचने से रोका जाएगा तो इससे पारदर्शिता प्रभावित होगी और Government की मंशा पर सवाल उठेंगे. जो लोग स्वयं को संविधान का सबसे बड़ा प्रहरी बताते हैं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा स्वतंत्र प्रेस की बात करते हैं, वही अब पत्रकारों के कामकाज पर पहरा लगाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रेस की स्वतंत्रता के खिलाफ बताते हुए कहा कि Government को इस तरह के कदमों से बचना चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए.
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