गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट, डीजीपी ने पुलिस को दिए कई अहम निर्देश

गांधीनगर, 30 जुलाई . भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए Gujarat Police ने पूरे राज्य में आपदा की तैयारी और उससे निपटने का सिस्टम एक्टिवेट कर दिया है. Police महानिदेशक (डीजीपी) ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने सभी शहरों, जिलों और रेंज के Police प्रमुखों को हाई अलर्ट पर रहने और लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए राहत, बचाव और सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के कामों में तालमेल बनाए रखने का निर्देश दिया है.

Thursday को डीजीपी की अध्यक्षता में हुई एक हाई-लेवल वीडियो कॉन्फ्रेंस में ये निर्देश जारी किए गए. इसमें राज्य भर के सीनियर Police अधिकारियों से कहा गया कि वे अगले 24 से 48 घंटों में खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए अपनी तैयारी मजबूत करें.

अधिकारियों के अनुसार, Police यूनिट्स को निर्देश दिया गया है कि वे बाढ़ राहत और बचाव के लिए जरूरी सामान, जैसे कि नाव और अन्य मशीनरी, को पूरी तरह चालू हालत में रखें और तुरंत इस्तेमाल के लिए तैयार रखें.

स्थानीय Police कर्मियों को भी नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरफ) की टीमों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों में शामिल किया गया है.

जोखिम वाले इलाकों में खतरों को कम करने के लिए, Gujarat Police ने जिला प्रशासन, नगर निगमों, वन विभाग, सड़क और भवन विभाग और बिजली वितरण कंपनियों के साथ मिलकर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने (इवैक्यूएशन) की एक संयुक्त योजना लागू की है.

इस योजना के तहत निचले और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों से लोगों और उनके मवेशियों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जाएगा. पूरे राज्य में ट्रैफिक मैनेजमेंट के उपाय भी मजबूत किए गए हैं.

ट्रैफिक को कंट्रोल करने और गाड़ियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए नेशनल और स्टेट हाईवे पर Police कर्मियों को तैनात किया गया है.

अधिकारियों ने जरूरत पड़ने पर फंसी हुई गाड़ियों को हटाने के लिए क्रेन का इंतजाम किया है और अगर सड़कें बंद हो जाती हैं, तो संपर्क बनाए रखने के लिए वैकल्पिक रास्ते भी तय किए हैं.

Police ने पब्लिक एड्रेस सिस्टम, social media प्लेटफॉर्म और स्थानीय कम्युनिकेशन नेटवर्क के जरिए लोगों को जागरूक करने की कोशिशें तेज कर दी हैं. वे लोगों से भारी बारिश के दौरान जर्जर इमारतों, बिजली के खंभों, नदियों और नालों से दूर रहने की अपील कर रहे हैं.

सुरक्षित जगहों पर पहुंचाए गए लोगों के लिए बनाए गए राहत केंद्रों में भोजन, पीने का साफ पानी और बिजली की सुविधा दी गई है. साथ ही, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित आश्रय की अलग से व्यवस्था की गई है.

हालात पर चौबीसों घंटे नजर रखने के लिए जिला कंट्रोल रूम चालू कर दिए गए हैं. वे गांधीनगर में स्टेट कंट्रोल रूम के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे ताकि सही समय पर फैसले लिए जा सकें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.

खराब मौसम के दौरान बिना रुकावट कम्युनिकेशन बनाए रखने के लिए Police वीएचएफ, एचएफ और आरओआईपी कम्युनिकेशन सिस्टम का इस्तेमाल करेगी.

राज्य भर में संवेदनशील जगहों पर Police, होम गार्ड, ग्राम रक्षक दल (जीआरडी), ट्रैफिक रेगुलेशन ब्रिगेड (टीआरडी) और फायर सर्विस के कर्मियों को पहले ही तैनात कर दिया गया है. समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए, डीजीपी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे अगले 24 से 48 घंटों तक पूरी तरह सतर्क रहें और भारी बारिश की स्थिति में इंसानों और मवेशियों की सुरक्षा के लिए तुरंत एहतियाती कदम उठाएं.

एससीएच/एबीएम