अखिलेश यादव मुस्लिम महिलाओं को टिकट दें, उन्हें कोई नहीं रोक रहाः संजय सरावगी

New Delhi, 17 अप्रैल . बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने महिला आरक्षण बिल और परिसीमन पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी. इसके साथ महिला आरक्षण विधेयक का विरोध कर रहे लोगों पर सवाल उठाए.

संजय सरावगी ने कहा, “यह बिल्कुल सही कहा गया है कि Prime Minister Narendra Modi ने 50 फीसदी आबादी को प्रतिनिधित्व दिया है. क्या उन्हें यूं ही छोड़ दिया जाता? पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों में हमारी बहनों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है. आज, अकेले बिहार में ही, हजारों महिलाएं पंचायतों और नगर निकायों में काम कर रही हैं और विकास तथा शासन में अपना योगदान दे रही हैं.”

अखिलेश यादव के बयान पर सरावगी ने कहा, “अखिलेश यादव को अपनी ही पार्टी में अपने सुझाव का पालन करना चाहिए. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसलिए उन्हें सभी टिकट मुस्लिम महिलाओं को देने चाहिए. क्या कोई उन्हें रोक रहा है? हालांकि, देश का संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता है.”

नीतीश कुमार के इस्तीफे और सम्राट चौधरी को Chief Minister बनाए जाने पर संजय सरावगी ने कहा, “Chief Minister का चुनाव विधायी दल ही करता है, चाहे वह भाजपा का विधायी दल हो या एनडीए का. नीतीश कुमार ने यह प्रस्ताव रखा था और एनडीए के सभी नेता, विधायी दल के सदस्य और विधायक इस पर सर्वसम्मति से सहमत हो गए थे. अब यह बात पुरानी हो चुकी है.”

वहीं, जीडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने महिला आरक्षण विधेयक पर कहा, “जिस तरह से कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों ने बार-बार उनकी आकांक्षाओं की अनदेखी की है, वह अस्वीकार्य है. Prime Minister Narendra Modi के सफल कार्यकाल में, यह मुद्दा अब एक तार्किक निष्कर्ष की ओर बढ़ रहा है. इसलिए, इस चरण पर विपक्ष के कोई भी Political दांव-पेच सफल नहीं होंगे.”

Jharkhand के भाजपा प्रवक्ता ने महिला आरक्षण बिल पर अखिलेश यादव द्वारा दिए गए बयान पर कहा, “सपा प्रमुख का मुस्लिम प्रेम पूरी तरह बेनकाब हो गया है. इनके पार्टी का अध्यक्ष कभी कोई मुसलमान नहीं बनता. इस पद पर परिवार के लोग ही रहते हैं. कभी किसी अल्पसंख्यक को Chief Minister नहीं बनाया, केवल इनके हितों की बात करते हैं, जो दिखावा है.”

Samajwadi Party के प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर भाजपा नेता दिलीप जायसवाल ने कहा, “अब अखिलेश यादव कहेंगे कि महिलाएं तो महिलाएं ही होती हैं, तो फिर इसमें जाति और धर्म की बात कहां से आ गई? यह सच है कि पिछड़े वर्ग, अत्यंत पिछड़े वर्ग और अनुसूचित जाति जैसी श्रेणियां हैं और संविधान में इनके लिए एक उचित प्रक्रिया निर्धारित है. इसलिए, ये लोग तुष्टीकरण की राजनीति के उद्देश्य से ही ये सारे मुद्दे उठाते हैं.”

ओपी/एएस