अखिलेश यादव ने किसानों की अनदेखी का लगाया आरोप, बोले- बारिश-ओलावृष्टि से तबाही, सरकार ने नहीं दी राहत

Lucknow, 12 अप्रैल . Samajwadi Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने असमय बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान को लेकर राज्य Government का घेराव किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश का किसान उपेक्षा का शिकार है और उसे अब तक कोई ठोस राहत नहीं मिली है.

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने Sunday को जारी बयान में कहा कि प्रदेश के कई जिलों में असमय बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं, सरसों और अन्य फसलें बर्बाद हो गई हैं, लेकिन Government ने अभी तक न तो मुआवजा दिया और न ही प्रभावी मदद पहुंचाई.

उन्होंने कहा कि मैनपुरी, कन्नौज, बाराबंकी, सीतापुर, हाथरस, अयोध्या, मेरठ, पीलीभीत, मथुरा, हरदोई, सोनभद्र और श्रावस्ती सहित प्रदेश के अनेक जिलों में गेहूं की फसल भीगकर खराब हो गई और कई जगहों पर फसल गिरकर चौपट हो गई है. इसके चलते किसान आर्थिक संकट में फंस गया है और दाने-दाने के लिए परेशान है.

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि Chief Minister से लेकर मंत्री तक केवल ‘हवाई सर्वेक्षण’ और घोषणाएं कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर किसानों तक कोई राहत नहीं पहुंची है. उन्होंने कहा कि एक तरफ खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर मौसम की मार ने किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है. इसके बावजूद Government किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है.

सपा प्रमुख ने कहा कि वर्तमान Government का चरित्र किसान विरोधी है और वह किसानों को लेकर केवल झूठे दावे करती है. उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के गेहूं की खरीद नहीं हो रही है और उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य भी नहीं मिल रहा है.

उन्होंने आलू किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भी अपनी फसल का सही दाम नहीं मिला, जिससे भारी नुकसान उठाना पड़ा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि Government ने मंडी व्यवस्था को कमजोर कर दिया है. सपा Government के दौरान किसानों के लिए अनाज, आलू और अन्य फसलों की मंडियों के निर्माण का काम चल रहा था, जिसे वर्तमान Government ने रोक दिया.

अखिलेश यादव ने कहा कि Government उद्योगपतियों के हित में काम करती है और उसी के अनुरूप फैसले लेती है, जबकि किसानों की अनदेखी करती है.

विकेटी/डीकेपी