तमिलनाडु सरकार एटीएफ पर वैट घटाने की तैयारी में, एयरलाइंस को मिल सकती है बड़ी राहत

चेन्नई, 19 जुलाई . तमिलनाडु Government एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर राज्यस्तरीय वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) को कम करने की तैयारी कर रही है. इस कदम का मकसद एयरलाइन के ऑपरेटिंग खर्च को कम करना और राज्य के एविएशन सेक्टर को ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाना है.

तमिलनाडु के टैक्स स्ट्रक्चर को पड़ोसी राज्यों के बराबर लाने की कोशिश के तहत आने वाले राज्य बजट में इस प्रस्ताव की घोषणा होने की उम्मीद है.

इस प्रस्ताव की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि Government एटीएफ पर मौजूदा 29 प्रतिशत वैट की समीक्षा कर रही है, जो देश में सबसे ज्यादा दरों में से एक है. नई दर की घोषणा राज्य बजट के हिस्से के रूप में होने की उम्मीद है, हालांकि सटीक प्रतिशत अभी तय नहीं किया गया है.

यह प्रस्तावित कटौती केंद्र Government की बार-बार की गई अपीलों के बाद की जा रही है, जिसमें राज्यों से एविएशन फ्यूल पर टैक्स को सही करने (रैशनलाइज करने) का आग्रह किया गया है.

एटीएफ एयरलाइंस के लिए सबसे बड़े ऑपरेटिंग खर्चों में से एक है और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का लंबे समय से तर्क रहा है कि राज्य के टैक्स कम होने से लागत कम करने, कनेक्टिविटी बेहतर करने और एयरलाइंस को अपनी सेवाएं बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी.

इस साल की शुरुआत में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा Lok Sabha में पेश किए गए आंकड़ों से दक्षिणी राज्यों में एटीएफ टैक्स दरों में भारी अंतर का पता चलता है.

आंध्र प्रदेश सिर्फ 1 प्रतिशत वैट लगाता है, जबकि पुडुचेरी 14.5 प्रतिशत, तेलंगाना 16 प्रतिशत और कर्नाटक 18 प्रतिशत चार्ज करते हैं.

केरल का टैक्स स्ट्रक्चर अलग है, जहां 5 प्रतिशत सेल्स टैक्स के साथ-साथ टैक्स की रकम पर 1 प्रतिशत सेस लगाया जाता है. इसके अलावा, राज्य के चार एयरपोर्ट, तिरुवनंतपुरम, कोच्चि (नेडुम्बसेरी), कन्नूर और कोझिकोड, 1 प्रतिशत टैक्स और 1 प्रतिशत सेस लगाते हैं.

तमिलनाडु का यह प्रस्तावित कदम एविएशन फ्यूल पर टैक्स कम करने के व्यापक राष्ट्रीय ट्रेंड के बीच उठाया जा रहा है.

लगभग दो महीने पहले, Maharashtra और दिल्ली दोनों ने एटीएफ पर अपने वैट को क्रमशः 18 प्रतिशत और 25 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया था. जहां दिल्ली ने शुरुआती छह महीने की अवधि के लिए यह कटौती लागू की, वहीं Maharashtra ने नई दर के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की.

अगर इसे लागू किया जाता है तो तमिलनाडु एविएशन फ्यूल पर टैक्स को सही करने वाले नवीनतम राज्यों में से एक बन जाएगा. इस कदम से राज्य के एयरपोर्ट्स की कॉम्पिटिटिवनेस (प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता) बेहतर होने, एयरलाइन ऑपरेशन्स को सपोर्ट मिलने और एयर कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है.

इस फैसले से राज्य उन पड़ोसी राज्यों के कम एटीएफ टैक्स सिस्टम के करीब भी आ जाएगा, जिन्हें एयरलाइन ऑपरेटर्स के लिए लंबे समय से ज्यादा आकर्षक डेस्टिनेशन माना जाता रहा है.

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