नई दिल्ली, 4 अप्रैल . भारतीय वायुसेना राजमार्गों जैसे स्थान पर आपातकालीन लैंडिंग के लिए कई राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर रही है. इसके अभ्यास की योजना भी बनाई जा रही है. भारतीय वायुसेना के विभिन्न फिक्स्ड और रोटरी विंग प्लेटफ़ॉर्म इस आपातकालीन लैंडिंग सुविधा पर समन्वित लैंडिंग और संचालन करेंगे.

गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना के मौजूदा अभ्यास गगन शक्ति-24 के एक भाग के रूप में विमानों ने हाल ही में कश्मीर घाटी के उत्तरी क्षेत्र में आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) का संचालन किया था. इस दौरान बड़ी संख्या में सैनिकों को एयरलिफ्ट किया गया और बाद में रात तक चिनूक, एमआई-17 वी5 और एएलएच एमके-III हेलीकॉप्टरों का उपयोग करके हवाई लैंडिंग की गई. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अलग-अलग क्षेत्रों में आपातकालीन लैंडिंग सुविधा को सक्रिय करने के लिए संपूर्ण राष्ट्र-दृष्टिकोण व नागरिक प्रशासन के साथ समन्वय की जरूरत होगी.

आपातकालीन लैंडिंग सुविधा ऑपरेशन भारतीय वायुसेना के विमानों को प्रतिबंधित लैंडिंग सतहों से संचालन करने का अवसर प्रदान करते हैं. इसके साथ ही प्राकृतिक आपदाओं के समय सहायता और राहत प्रदान करने के लिए आपदा राहत कार्यों में मानवीय सहायता में भी सक्षम होते हैं. राजमार्गों के इन हिस्सों पर रात में संचालन करने की क्षमता और ऐसी सतहों से सैनिकों को स्थानांतरित करने की क्षमता भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमताओं में काफी वृद्धि करेगी.

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