एआई तय करेगा भविष्य में युद्ध की रूपरेखा, लेकिन नैतिक फैसले हमेशा इंसानों के पास रहने जरूरी : जेडी वेंस

वाशिंगटन, 29 मई . अमेरिका के उपPresident जेडी वेंस ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भविष्य में युद्ध के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है, लेकिन जीवन और मृत्यु से जुड़े फैसले हमेशा इंसानों के हाथ में ही रहने चाहिए. उन्होंने कहा कि अमेरिका को कभी भी ऐसे नैतिक फैसले मशीनों के भरोसे नहीं छोड़ने चाहिए.

कोलोराडो स्प्रिंग्स में अमेरिकी वायुसेना अकादमी में वर्ष 2026 के स्नातक कैडेटों को संबोधित करते हुए वेंस ने कहा कि एआई, साइबर ऑपरेशन और स्वायत्त प्रणालियों में तेजी से हो रही प्रगति युद्धक्षेत्र का स्वरूप बदल रही है. इसके कारण सैन्य अधिकारियों के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी हो रही हैं.

वेंस ने कहा, “एआई को लेकर मेरी सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह युद्ध को किस तरह बदल देगा.” उन्होंने हाल ही में पोप लियो चौदहवें की टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल तकनीक का नहीं, बल्कि नैतिकता का भी सवाल है.

वेंस ने कहा, “पोप ने हाल के एक दस्तावेज में लोगों को सलाह दी है कि वे सबसे महत्वपूर्ण नैतिक फैसलों की जिम्मेदारी डिजिटल तकनीक को न सौंपें.”

उन्होंने कैडेटों से कहा कि आने वाले समय में एआई सेना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा, लेकिन तकनीक का काम इंसानों की मदद करना होना चाहिए, उनकी जगह लेना नहीं. वेंस ने कहा, “अगर भविष्य का युद्ध हमारे पूर्वजों के नैतिक मूल्यों के अनुरूप होना है, तो जीवन और मृत्यु से जुड़े फैसले इंसान को ही लेने होंगे, मशीन को नहीं.”

उन्होंने भविष्य के सैन्य अधिकारियों से अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने की अपील की. उनका कहना था कि तकनीक का इस्तेमाल खुद को बेहतर बनाने के लिए करें, लेकिन उसके पूरी तरह अधीन न हो जाएं.

उन्होंने कहा, “तकनीक को अपने विकास का साधन बनाइए, लेकिन उसके सामने आत्मसमर्पण मत कीजिए. युद्ध का संचालन इंसान करते हैं और आपकी बुद्धि के साथ-साथ आपका हृदय भी किसी एआई से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है.”

वेंस ने कहा कि नए अधिकारी ऐसे दौर में सेना में प्रवेश कर रहे हैं, जब दुनिया में भू-Political अनिश्चितता बढ़ रही है और सैन्य तकनीक बहुत तेजी से बदल रही है. उन्होंने कहा, “आप ऐसे समय में स्नातक हो रहे हैं, जब युद्ध की अनिश्चितता को नजरअंदाज करना लगभग असंभव हो गया है.”

उपPresident ने कहा कि भविष्य के अधिकारी ऐसे माहौल में काम करेंगे, जहां स्वायत्त प्रणालियां, एआई और साइबर ऑपरेशन बड़ी भूमिका निभाएंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका के विरोधी देश उसकी हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं.

वेंस ने कहा, “हमारे प्रतिद्वंद्वी हर दिन अमेरिका का अध्ययन कर रहे हैं. वे हमारी सैन्य रणनीतियों, औद्योगिक क्षमता, Political मतभेदों और हमारी कार्यशैली को समझने की कोशिश कर रहे हैं. वे आप जैसे नए अधिकारियों पर भी नजर रख रहे हैं.”

उन्होंने वर्तमान सैन्य अभियानों में शामिल अमेरिकी वायुसेना और अंतरिक्ष बल के जवानों की सराहना की. वेंस ने कहा कि अमेरिकी सैन्य शक्ति लगातार युद्धक्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कर रही है.

उन्होंने कहा, “जब President को किसी चुनौती का समाधान चाहिए होता है, तो हमारी वायुसेना और अंतरिक्ष सेना नए विकल्प उपलब्ध कराती है. अपने साहस और समर्पण के बल पर वे हर मिशन में असंभव को संभव बना रही हैं.”

वेंस ने बताया कि अमेरिकी Government सेना के आधुनिकीकरण पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है. इसके तहत एफ-47 लड़ाकू विमान और गोल्डन डोम मिसाइल रक्षा प्रणाली जैसी प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है. साथ ही रक्षा बजट बढ़ाने और सैनिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं.

यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दुनिया भर की सेनाएं खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी करने, लक्ष्य तय करने और युद्ध संबंधी फैसलों में सहायता के लिए तेजी से एआई तकनीक को अपना रही हैं.

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