
New Delhi, 24 जून . केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर्नाटक के आम उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए शीघ्र कदम उठाने का आश्वासन दिया है. प्रतिकूल मौसम और बाजार में आम की कीमतों में भारी गिरावट के कारण राज्य के किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं.
केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने Wednesday को New Delhi में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर कर्नाटक के आम किसानों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की.
कुमारस्वामी की अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि आम उत्पादकों के हित में जल्द निर्णय लिया जाएगा और राहत संबंधी उपायों की घोषणा शीघ्र की जाएगी.
बैठक के दौरान कुमारस्वामी ने किसानों को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र Government से मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के तहत सहायता देने तथा प्राइस डेफिशिएंसी पेमेंट स्कीम (पीडीपीएस) के माध्यम से मूल्य समर्थन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया. उन्होंने बताया कि कोलार, चिक्काबल्लापुर, रामनगर, Bengaluru ग्रामीण, तुमकुरु और हावेरी समेत कई जिलों के किसान आम की गिरती कीमतों से परेशान हैं.
उन्होंने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि बाजार में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. ऐसे में किसानों और बागवानी क्षेत्र के हितों की रक्षा के लिए संवेदनशील एवं किसान-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है.
कृषि मंत्री चौहान ने बताया कि उन्होंने पहले भी कुमारस्वामी द्वारा भेजे गए पत्र के माध्यम से आम किसानों की समस्याओं और बाजार कीमतों में गिरावट के मुद्दे पर संज्ञान लिया था. उन्होंने दोहराया कि प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए केंद्र Government समय पर अनुकूल निर्णय लेगी.
कुमारस्वामी ने कहा कि कर्नाटक देश के प्रमुख आम उत्पादक राज्यों में शामिल है. राज्य में लगभग 1.45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आम की खेती होती है और मौजूदा सीजन में करीब 10 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान है. हालांकि, प्रतिकूल मौसम और कम बाजार भाव के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
उन्होंने बताया कि कई जिलों में आम की खेती प्रमुख व्यावसायिक बागवानी गतिविधि है, लेकिन बाजार में अत्यधिक आपूर्ति और कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है.
कुमारस्वामी ने कृषि मंत्री को बताया कि कर्नाटक कृषि मूल्य आयोग के अनुसार आम की खेती की सी-3 लागत 3,951 रुपये प्रति क्विंटल आंकी गई है, जबकि मौजूदा बाजार भाव इससे काफी कम हैं. सिंचाई, मजदूरी और तुड़ाई पर भारी खर्च के बावजूद किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है.
कुमारस्वामी ने कृषि मंत्री के सकारात्मक रुख पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें भरोसा है कि जल्द ही किसानों के हित में समर्थन मूल्य जैसी व्यवस्था पर फैसला लिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र Government मूल्य अस्थिरता और जलवायु संबंधी चुनौतियों से किसानों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
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डीएससी
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