
jaipur, 19 अगस्त . एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) मुख्यालय के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए एसीबी की उदयपुर यूनिट ने Wednesday को एक ट्रैप ऑपरेशन चलाया और उदयपुर के सवीना स्थित कृषि उपज मंडी कार्यालय के कर्मचारी मनोहर लाल को शिकायतकर्ता से 24,000 रुपए नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया.
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता ने उदयपुर स्थित एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी.
शिकायतकर्ता उदयपुर के कलाडवास में आटा मिल चलाता है और सवीना स्थित कृषि उपज मंडी तथा अन्य व्यापारियों से कानूनी रूप से गेहूं खरीदता है.
शिकायत के अनुसार, आरोपी मनोहर लाल कथित तौर पर मार्च 2026 से ही शिकायतकर्ता से जुड़े व्यापारियों के गेहूं ले जा रहे ट्रैक्टरों को रोक रहा था.
निरीक्षण के बहाने, आरोपी कथित तौर पर व्यापारियों पर तुरंत बिल दिखाने का दबाव बनाता था और बिल न दिखाए जाने पर चालान काट देता था.
शिकायतकर्ता का कहना था कि इससे उसके कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा था.
जब शिकायतकर्ता ने आरोपी से इस मामले पर बात की, तो आरोपी ने कथित तौर पर मदन गुर्जर की ओर से हर महीने रिश्वत की मांग की. मदन गुर्जर उस समय सविना में एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट के सेक्रेटरी थे.
इसके बदले में, आरोपी ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया कि उसके साथ व्यापार करने वाले व्यापारियों के ट्रैक्टरों की जांच नहीं की जाएगी, कोई चालान नहीं काटा जाएगा, और खरीदे गए गेहूं के बिल न दिखा पाने पर Rajasthan एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट नियमों के तहत कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा.
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने पहले अप्रैल 2025 से मार्च 2026 की अवधि के लिए 65,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी और ली थी.
इसके बाद, अप्रैल 2026 से जुलाई 2026 तक की चार महीने की अवधि के लिए फिर से रिश्वत की मांग की गई.
शिकायत की जांच के दौरान, मनोहर लाल द्वारा रिश्वत की मांग करने की बात सही पाई गई.
जांच के बाद एसीबी ने Wednesday को एसीबी डीआईजी (उदयपुर रेंज) रामेश्वर सिंह की देखरेख और एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ़ Police अनंत कुमार के निर्देशन में एक ट्रैप ऑपरेशन चलाया.
Police इंस्पेक्टर राम सुमेर मीणा और ट्रैप टीम ने आरोपी मनोहर लाल को शिकायतकर्ता से 24,000 रुपए की नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया.
एसीबी की एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ़ Police स्मिता श्रीवास्तव और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ Police एस. परिमला की देखरेख में आरोपी से पूछताछ और आगे की कार्रवाई चल रही है.
एसीबी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करेगी और आगे की जांच करेगी.
एंटी-करप्शन ब्यूरो जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान में सहयोग करने की अपील करता है.
नागरिक एसीबी से उसकी चौबीसों घंटों टोल-फ्री हेल्पलाइन ‘1064’ या व्हाट्सएप हेल्पलाइन ‘94135-02834’ के जरिए संपर्क कर सकते हैं.
एसीबी ने भरोसा दिलाया है कि वह जायज काम करवाने में पूरी मदद करेगी.
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एमएस/
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