
बैंकॉक, 30 जून . India के थाईलैंड में राजदूत पुनीत अग्रवाल ने Tuesday को यूनाइटेड नेशंस इकोनॉमिक एंड सोशल कमीशन फॉर एशिया एंड द पैसिफिक (यूएनईएससीएपी) में पार्टनरशिप और कोऑर्डिनेशन के डिप्टी एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी शोंबी शार्प से मुलाकात की. इस दौरान दोनों पक्षों ने India और यूएनईएससीएपी के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की.
बातचीत में खास तौर पर व्यापार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) और आपदा जोखिम कम करने जैसे क्षेत्रों में दोनों पक्षों की विशेषज्ञता का मिलकर फायदा उठाने पर जोर दिया गया.
थाईलैंड में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “राजदूत पुनीत अग्रवाल ने यूएनईएससीएपी के एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी के ऑफिस में पार्टनरशिप और कोऑर्डिनेशन के डिप्टी एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी, शोंबी शार्प से परिचयात्मक मुलाकात की. इस दौरान India और यूएनईएससीएपी के बीच सहयोग बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ. साथ ही व्यापार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा और आपदा जोखिम कम करने जैसे क्षेत्रों में दोनों पक्षों की विशेषज्ञता का बेहतर इस्तेमाल करने पर भी चर्चा हुई.”
इससे पहले अप्रैल में India के प्रतिनिधिमंडल ने यूएनईएससीएपी के 82वें सत्र में हिस्सा लिया था. इस सत्र का विषय था, ‘किसी को भी पीछे न छोड़ना: एशिया और प्रशांत क्षेत्र में हर उम्र के लोगों के लिए समावेशी समाज की दिशा में आगे बढ़ना.’
इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सक्रिय रूप से अपनी बात रखी और 2030 एजेंडा के प्रति India की प्रतिबद्धता तथा सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को लागू करने में यूएनईएससीएपी के साथ India के मजबूत सहयोग को सामने रखा.
भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर लिखा, “एशिया और प्रशांत क्षेत्र में हर उम्र के लोगों के लिए समावेशी समाज की दिशा में आगे बढ़ने’ विषय पर आधारित यूएनईएससीएपी का 82वां सत्र आज बैंकॉक में समाप्त हुआ. भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया और चर्चाओं में रचनात्मक योगदान दिया. इस दौरान 2030 एजेंडा के प्रति India की प्रतिबद्धता और एसडीजी को लागू करने में यूएनईएससीएपी के साथ India के मजबूत सहयोग को रेखांकित किया गया.”
India और यूएनईएससीएपी के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं. भारत, यूएनईएससीएपी की क्षेत्रीय संस्थाओं को स्वैच्छिक आर्थिक सहयोग देता है और तकनीक के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने वाले क्षमता विकास कार्यक्रमों का भी समर्थन करता है.
India में यूएनईएससीएपी का एशिया एंड पैसिफिक सेंटर फॉर ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी और दक्षिण एवं दक्षिण-पश्चिम एशिया के लिए उप-क्षेत्रीय कार्यालय भी स्थित हैं.
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एवाई/डीकेपी
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