पाकिस्तान: खैबर में दो लोगों की हत्या के बाद भड़के कबायली, टोरखम हाईवे जाम कर हथियार उठाने का ऐलान

खैबर, 6 जून . Pakistan के खैबर जिले में दो लोगों की हत्या के बाद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. जखाखेल कबीले के लोगों में भारी आक्रोश है. गुस्साए कबायलियों ने Saturday को टोरखम जाने वाले मुख्य राजमार्ग को बंद कर दिया और आत्मरक्षा के लिए हथियार उठाने का ऐलान कर दिया.

Pakistan के प्रमुख अंग्रेजी दैनिक डॉन ने बताया कि स्थानीय कबायली बुजुर्ग मलिक अब्दुल्ला खान के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में Political दलों के कार्यकर्ता, कई समाज सेवी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने घोषणा की कि अब सशस्त्र कबायली अपने क्षेत्रों में गश्त करेंगे और सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद संभालेंगे.

प्रदर्शनकारियों ने इलाके में मोटरसाइकिल चलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का भी फैसला किया. साथ ही जखाखेल कबीले से जुड़े सभी सरकारी कर्मचारियों से कहा गया कि जब तक क्षेत्र में स्थायी शांति बहाल नहीं होती, वे अपनी सरकारी ड्यूटी पर न जाएं.

इसके अलावा कबायली नेताओं ने पोलियो टीकाकरण अभियान के बहिष्कार और जखाखेल क्षेत्र के सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों को बंद रखने की भी घोषणा की.

हाईवे बंद होने से अफगान परिवारों की वापसी की प्रक्रिया पर नकारात्मक असर पड़ा है और अफगानों को लेकर जा रहे कई वाहन रास्ते में फंस गए.

कबायली बुजुर्गों ने सुरक्षा बलों के घरों पर की जा रही छापेमारी और सफाई अभियान के नाम पर निर्दोष लोगों की गिरफ्तारी की भी आलोचना की. उनका आरोप है कि स्थानीय निवासी रात के समय हथियारों के साथ सड़कों पर खुलेआम गश्त करते हैं, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियां उनकी गतिविधियों पर रोक लगाने में नाकाम रही हैं.

यह विरोध प्रदर्शन Friday देर शाम लांडी कोटल के सुल्तानखेल इलाके में हुई दो लोगों की हत्या के बाद शुरू हुआ. Police के अनुसार, दोनों मृतक रिश्तेदार थे और मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उन्हें उनके घर के सामने गोली मार दी थी. दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हमलावर पास के पहाड़ी इलाके में फरार हो गए.

Police ने बताया कि रमजान के बाद से यह इस तरह की तीसरी घटना है. इससे पहले इसी इलाके में अज्ञात बंदूकधारियों ने दो Policeकर्मियों और एक Police अधिकारी के किशोर रिश्तेदार को निशाना बनाया था.

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि जब तक मजरिना और आसपास के क्षेत्रों में छिपे संदिग्धों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, वे किसी सरकारी अधिकारी से बातचीत नहीं करेंगे.

केआर/