मध्य पूर्व में तनाव के बाद भारत में स्थिर पेट्रोल और डीजल की कीमतें, पाकिस्तान और नेपाल में 42 प्रतिशत तक बढ़े दाम

New Delhi, 16 अप्रैल . मध्य पूर्व में तनाव के बाद India में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं. वहीं, Pakistan और नेपाल जैसे देशों में ईंधन की कीमतों में 42 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है.

Pakistan में 28 फरवरी को पेट्रोल का दाम 266.17 प्रति लीटर Pakistanी रुपया और डीजल का दाम 280.86 रुपए प्रति लीटर Pakistanी रुपया था. वहीं, 16 अप्रैल को पेट्रोल का दाम 366.58 रुपए बढ़कर प्रति लीटर Pakistanी रुपया और डीजल का दाम बढ़कर 385.54 रुपए प्रति लीटर Pakistanी रुपया हो गया है.

यह दिखाता है कि समीक्षा अवधि के दौरान Pakistan में पेट्रोल का दाम 37.74 प्रतिशत और डीजल की कीमत में 37.27 प्रतिशत का इजाफा हुआ है.

नेपाल में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. बीते एक महीने में चार बार कीमतों में इजाफा हुआ है. इससे पूरे दक्षिण एशिया में नेपाल में सबसे महंगा पेट्रोल और डीजल मिल रहा है.

पेट्रोल की कीमत 219 नेपाली रुपए प्रति लीटर हो गई है. वहीं, डीजल 207 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है. वहीं, 28 फरवरी को नेपाल में पेट्रोल का दाम 154 नेपाली रुपए प्रति लीटर और डीजल का दाम 156 नेपाली रुपए प्रति लीटर था.

यह दिखाता है कि समीक्षा अवधि के दौरान नेपाल में पेट्रोल का दाम 42.20 प्रतिशत और 32.59 प्रतिशत बढ़ गया है.

India में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं. दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपए प्रति लीटर और डीजल 87.62 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है.

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से आम उभोक्ताओं को बचाने के लिए मोदी Government ने भार स्वयं वहन करने का फैसला लिया है.

बीते महीने, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि Prime Minister Narendra Modi ने नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से सुरक्षित रखने के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा नहीं किया है.

social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर Union Minister ने कहा कि पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं, लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं. इसके कारण दुनिया भर में उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है.

दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में कीमतें लगभग 30 प्रतिशत 50 प्रतिशत बढ़ी हैं. वहीं, उत्तरी अमेरिकी देशों में 30 प्रतिशत, यूरोप में 20 प्रतिशत और अफ्रीकी देशों में 50 प्रतिशत बढ़ी हैं.

एबीएस/