छह देशों के बाद जयशंकर ने ज्यूरिख में भारतीय राजदूत से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई बातचीत

ज्‍यूरिख, 16 जुलाई . स्विट्जरलैंड में India के राजदूत मृदुल कुमार ने Thursday को ज्यूरिख एयरपोर्ट पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की. जयशंकर छह देशों के दौरे के बाद New Delhi लौट रहे थे.

स्विट्जरलैंड में भारतीय दूतावास ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया, “राजदूत मृदुल कुमार ने ज्यूरिख एयरपोर्ट पर ट्रांजिट के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर का गर्मजोशी से स्वागत किया. वह कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, अमेरिका और बेल्जियम के सफल दौरे से लौट रहे थे. इस मौके पर राजदूत ने उन्हें भारत-स्विट्जरलैंड के रिश्तों में हाल की प्रगति और दोनों देशों के बीच बढ़ती उच्च-स्तरीय मुलाकातों की जानकारी भी दी.”

विदेश मंत्री जयशंकर ने Wednesday को ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ (ईयू) की स्टार्टअप, रिसर्च और इनोवेशन कमिश्नर एकातेरिना जहारिएवा से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने स्वच्छ और हरित ऊर्जा तकनीकों, इनोवेशन हब, स्टार्टअप्स और ‘होराइजन यूरोप’ से जुड़ने के अवसरों पर चर्चा की.

इस बैठक में बेल्जियम और यूरोपीय संघ में India के राजदूत प्रणय वर्मा और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे.

एस. जयशंकर ने बेल्जियम के विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवोट से भी मुलाकात की. दोनों नेताओं ने राजनीति, अर्थव्यवस्था, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, लोगों की आवाजाही (मोबिलिटी) और दवा उद्योग जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग की समीक्षा की. साथ ही बंदरगाह, समुद्री क्षेत्र, सेमीकंडक्टर और सप्लाई चेन को अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाने के नए अवसरों पर भी चर्चा हुई.

यह बातचीत Wednesday को ब्रुसेल्स में आयोजित पहले इंडिया-बेल्जियम स्ट्रेटेजिक डायलॉग के दौरान हुई. दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया समेत दुनिया के कई अहम मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए.

बैठक के बाद जयशंकर ने ‘एक्स’ पर लिखा, “आज ब्रुसेल्स में बेल्जियम के उप Prime Minister और विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवोट के साथ पहले इंडिया-बेल्जियम स्ट्रेटेजिक डायलॉग की सह-अध्यक्षता की. पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं. आज की बातचीत से भारत, बेल्जियम और यूरोपीय संघ के बीच साझेदारी को और आगे बढ़ाने की हमारी इच्छा साफ दिखाई दी.”

उन्होंने कहा क‍ि हमने राजनीति, अर्थव्यवस्था, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, मोबिलिटी और दवा उद्योग जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की. बंदरगाह, समुद्री क्षेत्र, सेमीकंडक्टर और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के नए अवसरों पर भी चर्चा हुई. इसके अलावा पश्चिम एशिया समेत दुनिया के कई अहम घटनाक्रमों पर भी उपयोगी विचार-विमर्श हुआ.

एवाई/डीकेपी