उपभोक्ता शिकायतों के बाद एफएसएसएआई ने स्विगी इंस्टामार्ट को जारी किए 9 नोटिस, कई खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आरोप

New Delhi, 11 जुलाई . भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने उपभोक्ताओं की शिकायतों के आधार पर क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्विगी इंस्टामार्ट को नौ नोटिस जारी किए हैं. खाद्य नियामक ने Saturday को बताया कि इन शिकायतों में एक्सपायर्ड, सड़े-गले, खराब, दूषित और मानव उपभोग के लिए असुरक्षित खाद्य उत्पादों की सप्लाई किए जाने के आरोप लगाए गए हैं.

एफएसएसएआई ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. इनमें एक प्रमुख मामला यह था कि अंडों को ऐसे ब्रांड नाम से बेचा जा रहा था, जो कंपनी के मौजूदा एफएसएसएआई लाइसेंस में स्वीकृत उत्पाद श्रेणी के अंतर्गत शामिल नहीं था.

प्राधिकरण ने फूड बिजनेस ऑपरेटर (एफबीओ) को निर्देश दिया है कि वैध लाइसेंस मिलने तक ऐसे उत्पादों की बिक्री तुरंत बंद की जाए और जरूरत पड़ने पर लाइसेंस में संशोधन के लिए आवेदन किया जाए.

नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि ‘हेल्थिफाई 100 प्रतिशत व्हे प्रोटीन 1 किलो’ और ‘नोइस होमस्टाइल मद्रास मिक्सचर विद पीनट्स’ जैसे उत्पादों की एक्सपायरी डेट खत्म होने के बाद भी ग्राहकों को सप्लाई किए जाने की शिकायत मिली है.

इसके अलावा, ‘अक्षयकल्प ऑर्गेनिक अंडा’ के संबंध में शिकायत मिली कि अंडा एक्सपायर्ड था, उसमें सड़न आ चुकी थी, उससे बदबू आ रही थी और उसमें संक्रमण के संकेत पाए गए, जिसके कारण वह मानव उपभोग के लिए पूरी तरह अनुपयुक्त था.

इसी तरह ‘कक्के दा पराठा’ के खराब और बदबूदार होने की शिकायत भी दर्ज की गई, जिससे उसे खाने योग्य नहीं माना गया.

एफएसएसएआई ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज होने और उसे आगे बढ़ाए जाने के बावजूद फूड बिजनेस ऑपरेटर ने कोई प्रभावी सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की.

एक अन्य मामले में शिशुओं के लिए तैयार खाद्य उत्पाद खराब और असुरक्षित स्थिति में पाया गया. इतना ही नहीं, ग्राहक द्वारा दोषपूर्ण उत्पाद लौटाने के बाद भी वही उत्पाद दोबारा सप्लाई किए जाने का आरोप है.

खाद्य सुरक्षा नियामक ने स्विगी इंस्टामार्ट से इन सभी कथित उल्लंघनों और उनके कारणों पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही कंपनी से उसके खाद्य सुरक्षा प्रबंधन तंत्र, गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था, उठाए गए सुधारात्मक कदमों और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों की भी जानकारी देने को कहा गया है.

एफएसएसएआई ने निर्देश दिया है कि कंपनी निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना जवाब और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करे. ऐसा नहीं करने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत उचित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

डीबीपी