मैच में हेरफेर की कोशिश, एएफसी ने महिला फुटबॉल अधिकारी समेत एक खिलाड़ी पर लगाया बैन

कुआलालंपुर, 6 मई . एशियन फुटबॉल कन्फेडरेशन (एएफसी) ने मंगोलिया की एक महिला मैच अधिकारी और एक खिलाड़ी पर सख्त कार्रवाई करते हुए बैन लगा दिया है, जिन्हें एएफसी विमेंस चैंपियंस लीग 2025/26 (प्रारंभिक चरण) के एक मैच के नतीजे में हेरफेर की कोशिश करते पाया गया. बैन लगाने का यह फैसला एएफसी की अनुशासन और नैतिकता समिति ने लिया, जिसकी घोषणा Wednesday को हुई.

एएफसी ने Wednesday को एक प्रेस रिलीज में बताया, “विस्तृत जांच के बाद, एएफसी की अनुशासन और नैतिकता समिति ने मैच में हेरफेर की कोशिश के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मंगोलियाई फुटबॉल अधिकारी मुंखत्सेत्सेग बातखू और खिलाड़ी नामूना नारमंदख पर फुटबॉल से जुड़ी सभी गतिविधियों में हिस्सा लेने पर क्रमशः 10 और 5 साल का बैन लगा दिया है.”

रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों को 25 अगस्त, 2025 को स्टैलियन लगुना एफसी (पीएचआई) और खोवद वेस्टर्न एफसी (एमएनजी) के बीच खेले गए एएफसी विमेंस चैंपियंस लीग 2025/26 (प्रारंभिक चरण) के मुकाबले के नतीजे में हेरफेर करने की साजिश रचने का दोषी पाया गया. यह एएफसी के अनुशासन और नैतिकता संहिता के अनुच्छेद 66.1 का उल्लंघन था.

ये बैन एएफसी की किसी भी प्रकार के मैच में हेरफेर के खिलाफ ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति और एशियन फुटबॉल की गरिमा की रक्षा करने की उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को फिर से पुष्ट करते हैं.

ये प्रतिबंध इंटरनेशनल बेटिंग इंटीग्रिटी एसोसिएशन (आईबीआईए) के साथ हुए 4 साल के समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अनुरूप हैं. इस एमओयू पर 2024 में हस्ताक्षर किए गए थे, जो एशिया में इस खेल की रक्षा और सुरक्षा करने के एएफसी के संकल्प को दर्शाता है.

यह अनुशासनात्मक कार्रवाई फीफा के मैच-फिक्सिंग के खिलाफ रुख के भी अनुरूप है. खेल की इस विश्व शासी निकाय (फीफा) ने पिछले साल पहले ‘फीफा इंटीग्रिटी समिट’ का आयोजन करके अपने इस रुख को फिर से दोहराया था. फीफा के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने पहले फीफा इंटीग्रिटी समिट में कहा है कि मैच में हेरफेर का खतरा अभी टला नहीं है और इससे तभी निपटा जा सकता है, जब फीफा और उसके सदस्य संघ मिलकर इसका मुकाबला करें.

आरएसजी