
अबू धाबी, 15 अगस्त . संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सरकारी तेल कंपनी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी ) के एक टैंकर पर होर्मुज से गुजरते समय हमला किया गया. यूएई ने Saturday को इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हमले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और स्थिति अब नियंत्रण में है. टैंकर पर हमला Friday (14 अगस्त) को किया गया था.
President के राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गाश ने कहा कि अबू धाबी अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा. उन्होंने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि यूएई होर्मुज स्ट्रेट में स्वतंत्र नौवहन के अपने अधिकारों की रक्षा करेगा, लेकिन इसके साथ ही संवाद और कूटनीतिक विकल्पों को प्राथमिकता देता रहेगा.
यह एक सप्ताह से भी कम समय में एडीएनओसी से जुड़े पोतों को निशाना बनाए जाने की तीसरी घटना है. यूएई ने पहले के हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था. Saturday की घटना के संबंध में भी यूएई ने बाद में ईरान पर हमले का आरोप लगाया और तेहरान से शत्रुता रोकने के साथ ही स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने की मांग की. ईरान की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई.
यूएई के विदेश मंत्रालय ने वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में बाधा डालने की निंदा की. मंत्रालय ने कहा कि नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप आवश्यक है.
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है. क्षेत्र में जारी संघर्ष और लगातार पोतों पर हमलों के कारण यहां से तेल और गैस की आवाजाही प्रभावित हुई है. रॉयटर्स के अनुसार, एडीएनओसी भी अस्थिर परिस्थितियों के बावजूद अपने तेल परिवहन को जारी रखने के लिए वैकल्पिक परिचालन व्यवस्थाओं का इस्तेमाल कर रही है.
गर्गाश ने संकेत दिया कि यूएई अपनी नीति में कूटनीति के साथ-साथ प्रतिरोध और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन को भी महत्व देगा. ताजा हमले से खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ने तथा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता गहराने की आशंका है.
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केआर/
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