
New Delhi, 28 जुलाई . दिल्ली के जंतर मंतर इलाके पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए जेन जी के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इस इस्तीफे को आम जनता को जागरूक करने वाला करार दिया.
उन्होंने Tuesday को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शुरू में तो यह आंदोलन नीट पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन इसके बाद यह विरोध प्रदर्शन अन्य मुद्दों तक जाकर भी सिमट गया, जिसमें राम मंदिर चढ़ावा चोरी और Government की कार्यशैली जैसे विषय भी शामिल रहे.
आदित्य ठाकरे के मुताबिक, इस आंदोलन में शामिल हुए लोग जो कल तक महज धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे, बाद में स्थिति ऐसी पैदा हो गई कि लोगों के आक्रोश की जद में Government में शामिल अन्य मंत्री भी आ गए. इथेनॉल से लेकर चढ़ावा चोरी तक के मुद्दों को लेकर लोगों ने अपना आक्रोश जाहिर किया.
उन्होंने कहा कि दिल्ली से लेकर देश के अन्य इलाकों में आंदोलन शांतिपूर्वक हुए. इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि अगर कहीं पर आंदोलन के दौरान हिंसा देखने को मिली, तो उसकी मुख्य जिम्मेदार Government ही है. स्टूडेंट पर Government की तरफ से लाठीचार्ज किया गया. इतना ही नहीं लाठियों पर जंग लगे हुए कीले भी लगे हुए थे. स्टूडेंट की आवाज को दबाने के लिए कभी लाठियां भांजी गई, तो कभी एके 47 जैसे हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया.
आदित्य ठाकरे ने कहा कि भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में यह मुद्दा काफी चर्चा में रहा. यहां तक की हम खुद भी इस लाठी के गवाह रहे. हमने खुद इस पूरे दृश्य को अपनी आंखों से देखा. जेन जी ने खुद इस पूरे दृश्य को अपनी आंखों से देखा. जेन जी सिर्फ इतना चाहती थी, जो लोग भी नीट पेपर लीक में शामिल थे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो. आज की तारीख में जेन जी सिर्फ अपनी भूमिका स्पष्ट करना चाह रही थी.
उन्होंने कहा कि Maharashtra में इस विरोध प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों के खिलाफ First Information Report दर्ज की गई, जिन्हें हिरासत में लिया गया, वो हमें मेल करें. हम उन्हें कानूनी सहायता प्रदान करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो. हम यह सहायता मुफ्त में करेंगे, क्योंकि यह पूरा आंदोलन छात्र हित में बुलाया गया था.
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एसएचके/
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