अधीर रंजन चौधरी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर केंद्र सरकार से मांगा स्पष्ट जवाब

मुर्शिदाबाद, 8 मई . कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर केंद्र Government से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस अभियान को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं और Government को आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.

ऑपरेशन सिंदूर के सवाल पर अधीर रंजन चौधरी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह असली में क्या घटना घटी, इस पर Government को अपनी ओर से स्पष्ट बयान देना चाहिए. मैं बाहर से बैठकर यह कैसे कह सकता हूं कि वास्तव में क्या हुआ? लेकिन जब अमेरिका के पूर्व President डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि हमारे कई विमान यानी एयरपोर्ट पर मौजूद कुछ जहाजों को नुकसान पहुंचा और वे नष्ट हो गए, तब भी हमारी Government की ओर से इस पर स्पष्ट जवाब नहीं मिला और गोलमोल बातें कही गईं.

कांग्रेस नेता ने कहा कि हमारे देश की फौज की बहादुरी पर हमें कोई शक नहीं है, क्योंकि इससे पहले भी India ने Pakistan को कई बार पराजित किया है. चाहे जवाहरलाल नेहरू का समय हो, इंदिरा गांधी का कार्यकाल हो, लाल बहादुर शास्त्री का समय हो या अटल बिहारी वाजपेयी का दौर, हर बार India ने Pakistan के खिलाफ मजबूती से जवाब दिया है.

हमने इससे पहले भी कई उपलब्धियां हासिल की हैं और कुछ कमियां भी रही हैं. जब 1971 के युद्ध के दौरान India और Pakistan के बीच संघर्ष हुआ था, तब Pakistan का एक बड़ा हिस्सा अलग होकर बांग्लादेश के रूप में स्वतंत्र हुआ था, जो India की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जाता है.

इस बार भी हमने आतंकवादियों के ठिकानों पर निश्चित रूप से कार्रवाई की है. हालांकि, घुसपैठ की घटनाएं बीच-बीच में सामने आती रहती हैं. इसलिए यह कहा जा सकता है कि ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयां जारी हैं और सीमापार घुसपैठ की चुनौती भी बनी हुई है. इसी कारण हमें और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है. पिछले युद्धों और अभियानों में जहां-जहां कमियां रही हैं, उन्हें पहचानकर इस समय हर संभव प्रयास करके उन्हें दूर करना चाहिए, यह मेरी राय है.

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “चीन और Pakistan ने India के खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ी थी और यह संभव है कि वे आने वाले दिनों में भी ऐसा ही करेंगे.”

इसके पहले कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक परंपरा के अनुसार तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) को अपना बहुमत साबित करने का मौका दिया जाना चाहिए. अगर Governor आमंत्रण देने से पहले सीटों की संख्या पूछते हैं तो यह Governor के पद के लिए ठीक नहीं है. सबसे अधिक सीटों वाली पार्टी, इस मामले में विजय को पहले आमंत्रित किया जाना चाहिए. अगर वे अपना बहुमत साबित करने में विफल रहते हैं, तो यह अलग बात है, लेकिन उन्हें पहला मौका मिलना चाहिए. यह हमारे देश की लोकतांत्रिक परंपरा है और मेरा मानना ​​है कि Governor को इसका पालन करना चाहिए.”

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