अदाणी पावर का पहली तिमाही में दमदार प्रदर्शन, मुनाफा 47 प्रतिशत बढ़कर 4,867 करोड़ हुआ; ईबीआईटीडीए ने बनाया नया रिकॉर्ड

Ahmedabad, 22 जुलाई . अदाणी समूह की कंपनी अदाणी पावर ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शानदार वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं. कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा (पीएटी) सालाना आधार पर 47.2 प्रतिशत बढ़कर 4,867 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,305 करोड़ रुपए था. कंपनी ने बताया कि परिचालन में वृद्धि और पूंजीगत निवेश (कैपेक्स) जारी रहने के बावजूद वित्तीय लागत पर बेहतर नियंत्रण के कारण मुनाफे में यह मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई.

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में अदाणी ग्रुप की कंपनी का कंसोलिडेटेड कुल राजस्व (रेवेन्यू) 26.6 प्रतिशत बढ़कर 17,936 करोड़ रुपए पहुंच गया, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 14,167 करोड़ रुपए था. कंपनी के अनुसार, यह बढ़ोतरी बिजली बिक्री की मात्रा बढ़ने और बेहतर बिजली दरों की वजह से हुई.

इस बीच, कंपनी ने कंसोलिडेटेड निरंतर ईबीआईटीडीए में भी 21.6 प्रतिशत की तीव्र वृद्धि दर्ज की, जो वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के 5,744 करोड़ रुपए की तुलना में 6,983 करोड़ रुपए रहा, जो अदाणी पावर के इतिहास का अब तक का सबसे अधिक तिमाही ईबीआईटीडीए है. कंपनी का कहना है कि ईंधन लागत बढ़ने के बावजूद मजबूत परिचालन क्षमता और लागत प्रबंधन की बदौलत यह रिकॉर्ड प्रदर्शन संभव हुआ.

पहली तिमाही में कंपनी की बिजली बिक्री 16.9 प्रतिशत बढ़कर 28.8 बिलियन यूनिट (बीयू) रही, जो पिछले साल इसी अवधि में 24.6 बिलियन यूनिट थी. कंपनी ने इसका श्रेय बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता और देश में बिजली की मजबूत मांग को दिया है.

अदाणी पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एस. बी. ख्यालिया ने कहा कि कंपनी ने एक बार फिर अपनी लागत-कुशल उत्पादन क्षमता और परिचालन उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया है. उन्होंने कहा कि अदाणी पावर 45 गीगावाट (जीडब्ल्यू) उत्पादन क्षमता के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और मौजूदा परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है.

उन्होंने यह भी बताया कि जयप्रकाश एसोसिएट्स की बिजली परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के साथ कंपनी अपने कारोबार का विस्तार कर रही है. अदाणी पावर अब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय जलविद्युत (हाइड्रो पावर) परियोजनाओं में भी कदम बढ़ा रही है और भविष्य में परमाणु ऊर्जा (न्यूक्लीयर पावर) क्षेत्र के अवसरों के लिए भी तैयारी कर रही है.

कंपनी के मुताबिक, पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) के तहत बिजली बिक्री 30.3 प्रतिशत बढ़कर 24.5 बिलियन यूनिट रही. वहीं, प्रति यूनिट औसत टैरिफ 8.5 प्रतिशत बढ़कर 5.95 रुपए हो गया. दूसरी ओर, मर्चेंट और शॉर्ट-टर्म बाजार में बिजली की औसत प्राप्ति 13.1 प्रतिशत बढ़कर 7.04 रुपए प्रति यूनिट रही, जिसका प्रमुख कारण बाजार में मजबूत मांग रहा.

अदाणी पावर ने कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (सीआईआरपी) के तहत स्वीकृत योजना के अनुसार 180 मेगावाट के चुर्क थर्मल पावर प्लांट, जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड (2,220 मेगावाट) में 24 प्रतिशत हिस्सेदारी और प्रयागराज पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (1,980 मेगावाट) में 11.49 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण भी किया है. कंपनी का मानना है कि इन अधिग्रहणों से उसकी उत्पादन क्षमता और बाजार में स्थिति आने वाले वर्षों में और मजबूत होगी.

डीबीपी