
New Delhi, 24 जुलाई . अदाणी ग्रुप की सीमेंट कंपनी एसीसी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है. कंपनी ने कहा कि ट्रेड सेल्स में बढ़ी हिस्सेदारी और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मजबूत मांग से कारोबार को सहारा मिला. कंपनी को उम्मीद है कि क्षमता विस्तार, लागत में कमी और प्रस्तावित वन सीमेंट प्लेटफॉर्म के दम पर आने वाली तिमाहियों में परिचालन प्रदर्शन और बेहतर रहेगा.
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून तिमाही के दौरान कंपनी की सीमेंट बिक्री 1 करोड़ टन रही. इस दौरान कुल बिक्री में ट्रेड सेल्स की हिस्सेदारी बढ़कर 81 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है.
कंपनी का परिचालन से समेकित राजस्व 5,808 करोड़ रुपए रहा. वहीं, ईबीआईटीडीए 457 करोड़ रुपए दर्ज किया गया और ईबीआईटीडीए मार्जिन 7.9 प्रतिशत रहा. तिमाही के दौरान कंपनी का कर पश्चात लाभ यानी प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (पीएटी) 147 करोड़ रुपए रहा.
कंपनी ने बताया कि उसके प्रीमियम प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी भी बढ़ी है. पहली तिमाही में ट्रेड सेल्स में प्रीमियम प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 3 प्रतिशत अधिक है.
एसीसी के होल-टाइम डायरेक्टर और सीईओ विनोद बाहेती ने कहा कि बड़े इंटीग्रेटेड प्लांट्स में नियोजित रखरखाव और समूह की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स के साथ मटेरियल सप्लाई एग्रीमेंट (एमएसए) के तहत अधिक आपूर्ति के बावजूद कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि कंपनी ने मूल्य आधारित वृद्धि और बेहतर आय पर लगातार ध्यान बनाए रखा.
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित वन सीमेंट प्लेटफॉर्म, नई क्षमता वृद्धि और समूह की डिजिटल पहलों से मिलने वाली परिचालन दक्षता के चलते आने वाली तिमाहियों में कंपनी का प्रदर्शन और बेहतर रहने की उम्मीद है.
कंपनी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सलई बनवा स्थित 24 लाख टन प्रतिवर्ष क्षमता वाले ग्राइंडिंग यूनिट में ट्रायल रन शुरू हो चुका है. वहीं, Maharashtra के कलंबोली संयंत्र के विस्तार से सितंबर तिमाही के दौरान 10 लाख टन प्रतिवर्ष अतिरिक्त क्षमता जुड़ने की उम्मीद है.
अंबुजा सीमेंट्स के साथ प्रस्तावित विलय पर कंपनी ने कहा कि उसे सेबी से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मिल चुका है और इस संबंध में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में आवेदन भी दायर कर दिया गया है. नियामकीय मंजूरियां मिलने के बाद इस वित्त वर्ष के दौरान यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है.
कंपनी ने बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद लागत नियंत्रण के प्रयासों से पहली तिमाही में क्रमिक आधार पर लागत में मामूली कमी आई है. समेकित अदाणी सीमेंट कारोबार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान प्रति मीट्रिक टन लगभग 250 रुपए की लागत घटाना है.
सतत विकास के मोर्चे पर भी कंपनी ने प्रगति दर्ज की है. परिचालन में ग्रीन पावर की हिस्सेदारी बढ़कर 31 प्रतिशत हो गई, जो एक वर्ष पहले 26 प्रतिशत थी. इसके अलावा कंपनी को अपने ब्लेंडेड सीमेंट पोर्टफोलियो के लिए सीआईआई ग्रीनप्रो सर्टिफिकेशन और ग्रीहा सर्टिफिकेशन भी प्राप्त हुआ है.
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डीबीपी
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