
देहरादून, 23 अप्रैल . चारधाम यात्रा को लेकर social media पर भ्रामक एवं तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित करने वालों के खिलाफ राज्य Government ने कार्रवाई तेज कर दी है. पूर्व में दर्ज प्रकरणों के क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग में दो और First Information Report दर्ज की गई हैं. इसके साथ ही ऐसे मामलों में अब तक कुल तीन First Information Report दर्ज की जा चुकी हैं.
social media मॉनीटरिंग के दौरान चिन्हित किए गए कुछ वीडियो और रील्स में केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर भ्रामक एवं निराधार दावे किए गए. इनमें श्रद्धालुओं को बिना दर्शन लौटाए जाने, 15-15 घंटे तक कतार में खड़े रहने के बावजूद दर्शन न होने, Police व्यवस्था के अभाव, अव्यवस्था एवं धक्का-मुक्की जैसी भ्रामक बातें प्रसारित की गईं. हालांकि, वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है. प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित, चरणबद्ध एवं नियमानुसार दर्शन कराए जा रहे हैं.
इन भ्रामक वीडियो के माध्यम से आमजन को भ्रमित करने, चारधाम यात्रा की छवि को नुकसान पहुंचाने, अनावश्यक भय और अविश्वास का वातावरण बनाने का प्रयास किया गया है.
प्रदेश के Chief Minister पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चारधाम यात्रा से संबंधित किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार फैलाने वालों के विरुद्ध तत्काल, सख्त एवं प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. साथ ही, social media प्लेटफॉर्म्स की 24×7 सतत निगरानी करते हुए ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए.
उक्त प्रकरणों में संबंधित social media आईडी संचालकों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है. इसके अलावा, अन्य संदिग्ध वीडियो एवं डिजिटल कंटेंट भी जांच के दायरे में हैं, जिन पर भी शीघ्र कठोर कार्रवाई की जाएगी.
राज्य Government ने यह स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था एवं उत्तराखंड की छवि के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है. भ्रामक सूचना फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की यह प्रक्रिया निरंतर, संगठित एवं प्रभावी रूप से जारी रहेगी.
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