
रांची, 24 जून . भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव पर जमीन घोटाले से जुड़े आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विपक्ष की निराशा का नतीजा बताया.
प्रतुल शाह देव ने Wednesday को समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि इस आरोप का जवाब Chief Minister मोहन यादव की ओर से दिया जा चुका है. विपक्ष पूरी तरह से हताश और निराशा है. इसी निराशा में आकर इस तरह के आरोप सीएम मोहन यादव के ऊपर लगाए जा रहे हैं. अगर विपक्ष को किसी भी प्रकार का शक है तो वो इसकी शिकायत करें. इसके बाद सबकुछ दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. Chief Minister के करीबियों का मानना है कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है, जो कुछ भी हुआ है, वो नियमों के अनुरूप हुआ है. अलग-अलग राज्यों में मिल रही हताशा की वजह से कांग्रेस कुंठित हो चुकी है. इसी वजह से कांग्रेस की ओर से इस तरह के बेबुनियादी आरोप लगाए जा रहे हैं.
इसके अलावा, भाजपा प्रवक्ता ने राम मंदिर के कथित दान पात्र घोटाले मामले में एसआईटी की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट पर भी प्रतिक्रिया दी. उनके मुताबिक, हमारी Government रामभक्तों की Government है. Government की ओर से एसआईटी का गठन किया गया है. Government पूरे मामले की जांच के दौरान मामले की तह तक जाएगी. अब जिस तरह की सूचना आ रही है कि जैसे प्राथमिकी दर्ज की गई है, कमेटी के लोगों को बदलने की बात कही जा रही है, मैं कहता हूं कि यह बहुत ही छोटी चीज है. अगर राम मंदिर के दान से चोरी की घटना सामने आई है तो इस मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. यह कांग्रेस की Government नहीं है, जो भगवान राम के अस्तित्व को ही नकरा देती थी. यह भाजपा की Government है, जो आरोपियों को किसी भी सूरत में छोड़ेगी नहीं.
साथ ही, उन्होंने मौलाना अरशद मदनी के जिहादी वाले बयान पर कहा कि ये सब बेकार की बातें हैं. जिहाद एक पवित्र युद्ध होता है. आप मुझे बताइए कि अभी कौन-सा पवित्र युद्ध छिड़ा हुआ है. जिहादी मानसिकता वाले लोग हर जगह हैं. इन लोगों के लिए जिहाद का मतलब होता है कि सनातन पर प्रहार करो, लव जिहाद करो. जिहाद एक पवित्र युद्ध है, जो पुराने समय में होता था. जिहाद को लेकर इस तरह का बयान कुंठित मानसिकता वाले लोग दे सकते हैं.
वहीं, उन्होंने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बयान पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने इसे बेतुका बयान बताते हुए कहा कि ऐसा करके समाज के लोगों को विखंडित करने की कोशिश की जा रही है. ऐसा करके अच्छी सोच को खत्म किया जा रहा है. यह एक घटिया प्रयास है. हमारी Government का मूल मंत्र ही सबका साथ और सबका विकास है. हम सभी लोगों को लेकर चलते हैं.
साथ ही, उन्होंने ऋतुब्रत बनर्जी के बयान पर कहा कि असली टीएमसी मौजूदा समय में ऋतुब्रत बनर्जी के साथ है और अब थोड़े बहुत ही लोग ममता बनर्जी के साथ हैं. बीते दिनों टीएमसी के कुछ सांसदों ने ही त्रिपुरा के एक दल के साथ अपना विलय कर लिया है. अब असली टीएमसी नेता ममता बनर्जी के साथ नहीं हैं.
उन्होंने जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शन को लेकर भी रिएक्शन दिया. उनके मुताबिक, जंतर मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन पर किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने का कोई मतलब नहीं रह जाता है. इन लोगों की ख्वाहिश थी कि एक बार फिर से नीट की परीक्षा में गड़बड़ी हो जाए, लेकिन Government की ओर से सुरक्षा व्यवस्था में एकदम कड़ी की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा नहीं हो. अब सबकुछ अच्छे से हो गया है. इसी वजह से इन लोगों को परेशानी हो रही है.
उधर, Madhya Pradesh के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में काफिर शब्द पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि हमारी Government बिना किसी भेदभाव के काम करती है. अगर कोई हमें काफिर मानता है तो उन्हें Government की ओर से शुरू की गई किसी भी प्रकार की योजना का लाभ नहीं लेना चाहिए.
इस पर भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि हमारा बिल्कुल साफ कहना है कि हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. सभी धर्मों को हमारा भी सम्मान करना चाहिए. केंद्र Government की किसी भी योजना का लाभ देते समय किसी भी व्यक्ति के साथ धर्म के नाम पर भेदभाव नहीं किया जाता है. Prime Minister ने उज्ज्वला योजना के जरिए बहनों की आंसू पोंछने का काम किया. अगर ऐसी स्थिति में काफिर जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाए तो यह अनुचित है. कैलाश विजयवर्गीय ने बिल्कुल ठीक कहा है. हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. हम मुस्लिम का भी सम्मान करते हैं और ईसाइयों का भी सम्मान करते हैं. इस तरह का बयान किसी भी सूरत में उचित नहीं है कि हमारे लिए काफिर जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
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एसएचके/डीकेपी
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