फरार जमातियों और शरण देने वालों पर दर्ज होंगे केस, 10 साल तक की होगी सजा · Indias News

फरार जमातियों और शरण देने वालों पर दर्ज होंगे केस, 10 साल तक की होगी सजा

नई दिल्ली:तबलीगी जमात से जुड़े संक्रमित जमातियों और उन्हें संरक्षण देने वाले लोगों के खिलाफ क्राइम ब्रांच अब आईपीसी की सख्त धारा 304 के खिलाफ मामला दर्ज करेगी. इस धारा के तहत 10 साल तक के कारावास की सजा का प्रावधान है. क्राइम ब्रांच सूत्रों के मुताबिक मरकज से निकले जमातियों के कारण देशभर में तेजी से संक्रमण को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है.

देश में कोरोना के सबसे बड़े हॉट स्पॉट के रूप में उभरे दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज मामले की जांच में जुटी क्राइम ब्रांच अब फरार संक्रमित जमातियों को छापेमारी कर बरामद कर रही है. मरकज से निकले जमाती इधर-उधर चोरी छिप रह रहे हैं.

ऐसे में वे जहां रह रहे हैं वहां के लोगों में तो कोरोना का खतरा है ही, आसपास के इलाके भी इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ सकते हैं. इसके बाद भी अपने संक्रमण को और मरकज से आने की बात को ये जमाती छिपा रहे हैं. वहीं, कुछ लोग जानते हुए भी उन्हें करीबी समझकर संरक्षण दे रहे हैं. ऐसी लापरवाही को देखते हुए क्राइम ब्रांच अब धारा 304 के तहत मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने जा रही है.

क्या है धारा-304 :अगर किसी व्यक्ति पर किसी के वार करने या फिर उसकी किसी हरकत से किसी को नुकसान पहुंचा हो और बाद में इसके कारण उसकी मौत भी हो गई हो तो ऐसे हालात में धारा 304 लगाई जाती है. धारा 304 का केस केवल और केवल आरोपी की नीयत के आधार पर बनाया जाता है.

दो बार छापेमारी की

क्राइम ब्रांच मरकज में दो बार छापेमारी कर चुकी है. कोरोना संक्रमण का खतरा होने के कारण क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक टीम ने हजमत सूट पहनकर छापेमारी की और वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कराई. मरकज में रखे दस्तावेज की जांच की गई और मौके से कई दस्तावेजों बरामद भी किए गए. जांच अधिकारियों का कहना है कि अभी पुलिस उन लोगों की सूची तैयार कर रही है, जो 1 से 28 मार्च तक मरकज में ठहरे थे या उनके संपर्क में आए.

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