‘खेल के क्षेत्र में भी रोजगार के भरपूर अवसर’, विश्व योगासन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद बोले सारांश कुमार

Patna, 10 जून . Gujarat के Ahmedabad में प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप का आयोजन 4 से 8 जून तक किया गया था. इस चैंपियनशिप में 60 से अधिक देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था. India की टीम में बिहार राज्य के खिलाड़ी भी शामिल थे और उन्होंने अपने प्रदर्शन से न सिर्फ देश के लिए पदकों की संख्या बढ़ाई, बल्कि बिहार राज्य का नाम रोशन किया. Ahmedabad से Patna लौटने पर बिहार के प्रतिभागियों का भव्य स्वागत किया गया.

एयरपोर्ट पर सारांश कुमार, दिलीप कुमार और सुधांशु शेखर का स्वागत माला पहनाकर किया गया. तीनों को प्रशंसकों और शुभचिंतकों ने मालाओं से लाद दिया.

मीडिया से बात करते हुए सारांश कुमार ने कहा, “मैंने स्वर्ण पदक जीता है. इसके लिए मैं बिहार Government को धन्यवाद देना चाहूंगा. बिहार Government की वजह से ही मुझे बेहतर प्रशिक्षण का अवसर मिला और मैं स्वर्ण पदक जीत सका.”

सारांश कुमार ने कहा, “मैं युवाओं से कहना चाहता हूं कि आप शिक्षा के साथ ही खेल के क्षेत्र में भी भी अपना करियर बना सकते हैं. खेल में भी करियर के काफी अवसर हैं. राज्य Government ने बहुत पहले ‘मेडल लाओ नौकरी पाओ’ की एक नीति लागू की थी. इसके तहत अच्छी नौकरियां उपलब्ध हैं.”

उन्होंने कहा कि दिसंबर में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भी हमारी तैयारी है. हम उसमें भी स्वर्ण पदक प्राप्त करेंगे.

दिलीप कुमार और सुधांशु शेखर ने भी अपनी सफलता का श्रेय बिहार Government से मिले सहयोग को दिया.

Ahmedabad में 4 से 8 जून तक आयोजित योगासन चैंपियनशिप योगा के क्षेत्र में अपने तरह की पहली प्रतियोगिता थी. इसका उद्घाटन Prime Minister Narendra Modi ने किया था. Prime Minister ने कहा था कि यह चैंपियनशिप भविष्य में ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर योगा को खेल की श्रेणी में शामिल कराने के लिए बेहद अहम हो सकता है.

पीएके