राम मंदिर दान मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका पर अबू आजमी ने उठाए सवाल

Mumbai , 26 जून . Samajwadi Party के विधायक अबू आजमी ने क्षेत्रीय दलों को तोड़ने की कोशिश को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने Friday को कहा कि सांसदों को तोड़ा जा रहा है, ताकि आगामी दिनों में परिसीमन बिल को लागू करने में आसानी हो.

समाचार एजेंसी से बातचीत में अबू आजमी ने कहा कि परिसीमन बिल के तहत यह लोग सीटों का निर्धारण इस तरह से करना चाहते हैं, ताकि इन्हीं की Government चुनकर आए. यह लोग पूरी Political स्थिति को अपने अनुकूल बनाना चाहते हैं. जनता को अब इस पर जागृत करना होना होगा और जो लोग पार्टी छोड़कर जा रहे हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए.

उन्होंने राम मंदिर के दानपात्र में हुए घोटाले को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उनके मुताबिक, चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्या इस बात के बारे में जानकारी नहीं थी कि कहां से संपत्ति को खरीदा जा रहा है. आखिर इन दानपात्रों का मूल उद्देश्य क्या है? क्या इन लोगों को यह सारी बातें नजर नहीं आ रही थी. इसका मतलब है कि ये लोग इसमें शामिल हैं .

अबू आजमी ने Samajwadi Party के प्रमुख अखिलेश यादव को सच्चा राम भक्त बताया. उन्होंने कहा कि जिस तरह से राम मंदिर के दानपात्र में हुए घपले के मुद्दे को अखिलेश यादव उठा रहे हैं, उससे यह साफ जाहिर होता है कि वो सच्चे राम भक्त हैं. मैं उन्हें बधाई देना चाहता हूं. मैं उनकी तारीफ करता हूं. वो एक अच्छे राम भक्त हैं, क्योंकि इस मामले में जो लोग भी जिम्मेदार है, उनकी कार्यशैली से यह साफ जाहिर हो रहा है कि वो अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं, लेकिन अखिलेश यादव लगातार पुरजोर तरीके से इस मुद्दे को उठा रहे हैं.

साथ ही, उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधा. उनके मुताबिक, Supreme Court का फैसला आने के बाद अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हु, लेकिन मंदिर बनने के बाद यह लोग इसे संभाल नहीं पा रहे हैं. अब राम मंदिर के दानपात्र में चोरी हुई है. अब ये लोग छोटी मछली को फंसाएंगे और बड़े लोगों को बचाएंगे. हमारा कहना है कि मंदिर की जिम्मेदारी संभाल रहे सभी बड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. आपके अधीन यह मंदिर था. आप इसके जिम्मेदार हैं. जनता के बीच पूरी पाई पाई का हिसाब होना चाहिए. अखिलेश यादव की मैं तारीफ करना चाहता हूं कि उन्होंने इस मुद्दे को उठाया. उन्होंने कहा कि बीजेपी हमेशा धर्म की राजनीति करती है.

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