सीयूईटी परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी को लेकर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर उठाए सवाल

New Delhi, 30 मई . देश की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाओं के बीच Saturday को आयोजित कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) में तकनीकी खराबी के कारण कई परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने में देरी हुई. इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने केंद्र Government और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय पर तीखा हमला बोला है.

पार्टी का आरोप है कि नीट और सीबीएसई परीक्षा विवादों के बाद अब सीयूईटी में आई गड़बड़ियां केंद्र Government की शिक्षा व्यवस्था संभालने में विफलता को उजागर करती है. दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्याओं की खबरें सामने आई हैं. उन्होंने social media पर कई तस्वीरें और रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि दिल्ली, नोएडा, अंबाला, वाराणसी, Bengaluru, Kanpur सहित कई शहरों में तकनीकी खराबी के कारण परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी.

उन्होंने कहा कि यदि कुछ छात्रों को निर्धारित समय पर प्रश्नपत्र उपलब्ध हो जाए और अन्य छात्रों को घंटों बाद परीक्षा देनी पड़े, तो यह परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है. दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी केंद्र Government की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पहले नीट, फिर सीबीएसई और अब सीयूईटी परीक्षा में अव्यवस्था देखने को मिली है. देशभर में लाखों छात्र परीक्षा देने पहुंचे थे, लेकिन तकनीकी खराबी के चलते उन्हें घंटों तक परीक्षा केंद्रों के बाहर इंतजार करना पड़ा. उन्होंने विभिन्न शहरों से सामने आए वीडियो और तस्वीरों का हवाला देते हुए कहा कि कई केंद्रों पर सर्वर काम नहीं कर रहे थे, जिसके कारण परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई.

आतिशी ने कहा कि दिल्ली, अंबाला, वाराणसी और जोधपुर समेत कई शहरों के परीक्षा केंद्रों से छात्रों की परेशानी की तस्वीरें सामने आई हैं. उनके अनुसार, यह स्थिति केंद्रीय शिक्षा मंत्री की प्रशासनिक अक्षमता को दर्शाती है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसी है.

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी केंद्र Government पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों को सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर बुला लिया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी. उन्होंने आरोप लगाया कि Government परीक्षा प्रणाली को सुचारू रूप से संचालित करने में विफल रही है और इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है.

सीयूईटी परीक्षा में आई तकनीकी बाधाओं के बाद शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और तैयारी को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है. विपक्षी दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच और छात्रों को हुई असुविधा के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की है. वहीं, लाखों अभ्यर्थी और उनके अभिभावक भी परीक्षा प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं.

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