सदाचारी मनुष्य समाज में प्रतिष्ठा और सज्जनों का आदर प्राप्त करता है: प्रधानमंत्री मोदी

New Delhi, 27 जुलाई . Prime Minister Narendra Modi ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर Monday को सुभाषित शेयर किया है.

Prime Minister की ओर से ‘एक्स’ पोस्ट में संस्कृत श्लोक, शीलवान् पूजितो लोके, शीलवान् साधुसम्मतः. शीलवान् सर्वकर्मार्हः, शीलवान् प्रियदर्शनः॥ शेयर किया गया है.

जिसका हिंदी अर्थ है- “सदाचारी मनुष्य समाज में प्रतिष्ठा और सज्जनों का आदर प्राप्त करता है. उत्तम चरित्र से युक्त व्यक्ति अपने सत्यनिष्ठा, विनम्र, और मर्यादित आचरण के कारण प्रत्येक उत्तरदायित्व के योग्य माना जाता है; उसका व्यक्तित्व सभी के लिए आकर्षक और अनुकरणीय होता है. वास्तव में, सफलता, प्रभावी नेतृत्व, और अटूट विश्वास का वास्तविक आधार उत्तम चरित्र ही है.”

पीएम ने 24 जुलाई को भी social media पर सुभाषित शेयर किया था. उन्होंने श्लोक, “कर्मणा मनसा वाचा यदभीक्ष्णं निषेवते. तदेवापहरत्येनं तस्मात्कल्याणमाचरेत्॥” साझा किया था, जिसका हिंदी अर्थ है- “मनुष्य अपने कर्मों, विचारों और वचनों के द्वारा जिस किसी भी विषय का निरन्तर अभ्यास करता है, वही अन्ततः उसके व्यक्तित्व को ढालकर उसे उसी दिशा में खींच ले जाता है, इसलिए मनुष्य को सदैव अपने चिंतन और संवाद में केवल कल्याणकारी विषयों को ही स्थान देना चाहिए.”

Prime Minister ने 23 जुलाई को सुभाषित शेयर करते हुए लिखा था, “यश्चायमस्मिन्नाकाशे तेजोमयोऽमृतमयः पुरुषः सर्वानुभूः. यश्चायमस्मिन्नात्मनि तेजोमयोऽमृतमयः पुरुषः सर्वानुभूः.. जिसका हिंदी अर्थ है कि विस्तृत आकाश या अन्तरिक्ष में जो शक्तिमयी शाश्वत सत्ता है, वही हमारी आत्मा में भी है. इसलिए कहा भी गया है – जो पिण्ड या कण-कण में है, वही ब्रह्माण्ड में है.

एसडी/एएस