एक गहरा पिता-पुत्र का रिश्ता, एक समर्पित लोक सेवक का हृदय

बीजिंग, 21 जून . चीन के शनचन शहर के ल्येनहुआशान पार्क में एक विशाल बरगद का पेड़ शान से खड़ा है, जिसकी शाखाएं और पत्तियां हरी-भरी हैं. इस पेड़ को स्वयं चीनी President शी चिनफिंग ने 2012 में क्वांगतोंग प्रांत के अपने निरीक्षण दौरे के दौरान लगाया था.

उन्होंने एक बार बरगद के पेड़ का वर्णन इस प्रकार किया था: “चाहे ज़मीन कितनी भी बंजर हो, चाहे ऊबड़-खाबड़ चट्टानें और टूटी हुई पहाड़ियां ही क्यों न हों, यह पेड़ मिट्टी को चीरता हुआ, अपनी जड़ों को आपस में गुंथे हुए, आकाश की ओर ऊंचा उठाए खड़ा रहता है.”

कई साल पहले, शी चिनफिंग के पिता, शी चोंगश्युन ने भी शनचन के ‘लान गार्डन’ में एक बरगद का पेड़ लगाया था. यह भव्य, हरा-भरा बरगद का पेड़ क्वांगतोंग की धरती से शी चोंगश्युन की गहरी जड़ों का प्रतीक है. समय बीतता है और भावना बनी रहती है, ये दोनों बरगद के पेड़ कम्युनिस्ट पार्टी के दो पीढ़ियों के सदस्यों की मूल आकांक्षाओं और विरासत के साक्षी हैं.

अपने शुरुआती दिनों में, छिंगहुआ विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान, शी चिनफिंग ने अपनी गर्मियों की छुट्टियों के दौरान सामाजिक कार्यों में भाग लिया, जब वे अपने पिता के साथ ग्रामीण क्वांगतोंग की एक शोध यात्रा पर गए थे.

शी चिनफिंग के पिता ने एक बार उन्हें निर्देश दिया था कि “आप चाहे कितने भी ऊंचे पद पर पहुंच जाएं, जनता की लगन और ईमानदारी से सेवा करना, जनता के प्रति सच्ची चिंता रखना, जनता से जुड़े रहना और सुलभ बने रहना कभी न भूलें.”

यह गहरा पितृ प्रेम है, और साथ ही चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों की पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही अटूट निष्ठा और निःस्वार्थ भावना भी है.

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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