भारत जैसा देश महीनों तक नहीं झेल सकता लॉकडाउन: फिक्की · Indias News

भारत जैसा देश महीनों तक नहीं झेल सकता लॉकडाउन: फिक्की

नई दिल्ली (New Delhi) . कोरोना (Corona virus) संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलो को देखते हुए देश में लागू लॉकडाउन (Lockdown) को 30 अप्रैल तक बढ़ाने के लिये विचार किया जा रहा है. इस बीच फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने सरकार (Government) अपना सुझाव दिया है. उन्‍होंने कहा कि सरकार (Government) को देशभर में चुनिंदा तौर पर लॉकडाउन (Lockdown) को खत्म करना चाहिए ताकि उत्पादन, वितरण, उपभोग, परिवहन और दूसरी आर्थिक गतिविधियां शुरू हो सकें. शुरुआत उन जिलों से हो जहां कोरोना का कोई केस नहीं है. दरअसल, भारत जैसे देश को महीनों तक लॉकडाउन (Lockdown) नहीं रखा जा सकता है. ऐसे में लॉकडाउन (Lockdown) और आर्थिक गतिविधियों के बीच एक बैलेंस बनाने की जरूरत है. ऐसे में लॉकडाउन (Lockdown) को धीरे-धीरे खत्म करने और 22 से 39 वर्ष तक के स्वस्थ लोगों को काम शुरू करने की छूट दी जाए.

फिक्की ने कहा, ‘यह कम जोखिम वाला समूह है. 15 करोड़ लोगों का यह समूह आर्थिक गतिविधियों के पहिये को चला सकता है.’ उद्योग संगठन ने कहा है कि सभी प्रकार के वस्तुओं को आवाजाही के लिए छूट दी जाए. जरूरी और गैर-जरूरी वस्तुओं में फर्क ना किया जाए. फिक्की ने सरकार (Government) से यह भी कहा है कि सभी स्टोर और किराना दुकानों को ग्राहकों के लिए खोल दिया जाए. सोशल डिस्टेंशिंग का पूरी तरह पालन करते हुए इनमें बिक्री की छूट हो ताकि लोगों को जरूरी सामान मिल सके और पैनिक भी कम हो. साथ ही घरेलू विमान सेवाओं को शुरू होने दिया जाए, विशेषकर उन स्थानों के बीच जो कोरोना-19 से प्रभावित नहीं हैं. विमानों को एक तिहाई यात्रियों (Passengers) के साथ उड़ाया जा सकता है, ताकि यात्रियों (Passengers) के बीच दूरी रहे. फिक्की ने आगे कहा कि कटाई का सीजन शुरू हो चुका है और श्रमिक उपलब्ध नहीं हैं. जिला अधिकारियों को इसके लिए निर्देश दिए जाएं और मनरेगा मजदूरों का इस्तेमाल फसल कटाई में हो. किसानों को बीज और खाद नहीं मिल रहे हैं जिसकी वजह से गर्मियों की फसल नहीं लग पा रही है.

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