उदयपुर । इंजीनियर्स डे के अवसर पर हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने अपने युवा इंजीनियर्स की उस महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया, जो भारत के मेटल और माइनिंग उद्योग को नई दिशा दे रहे हैं। कंपनी के कुल अधिकारियों में 57.8 प्रतिशत इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं, जबकि युवा प्रोफेशनल्स में 76 प्रतिशत कोर इंजीनियरिंग क्षेत्रों से जुड़े हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 335 कैंपस हायरिंग के माध्यम से नई तकनीकी प्रतिभाओं को संगठन से जोड़ा है। कंपनी के अनुसार युवा इंजीनियर्स तकनीकी ज्ञान, डिजिटल कौशल, नवाचार और सतत विकास की सोच के साथ मेटल और माइनिंग उद्योग को अधिक आधुनिक, स्मार्ट और सुरक्षित बनाने में भूमिका निभा रहे हैं।

2,685 अधिकारियों में 1,551 इंजीनियर
हिंदुस्तान जिंक के कुल 2,685 अधिकारियों में से 1,551 कर्मचारी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं। कंपनी में महिला अधिकारियों की हिस्सेदारी 20.5 प्रतिशत है। ये अधिकारी माइनिंग, मेटलर्जी, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और पर्यावरण इंजीनियरिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही हैं।
कंपनी लगातार युवा प्रतिभाओं को जोड़ने पर भी ध्यान दे रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में हुई 335 कैंपस हायरिंग के जरिए नई तकनीकी सोच और प्रतिभाओं को संगठन का हिस्सा बनाया गया।
रिमोट ब्लास्टिंग से डिजिटल कंट्रोल रूम तक
मेटल और माइनिंग उद्योग में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच युवा इंजीनियर्स की भूमिका भी बदल रही है। हिंदुस्तान जिंक की इकाइयों में रिमोट ब्लास्टिंग, टेली-रिमोट मशीन संचालन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑटोमेटेड प्रक्रियाएं और डिजिटल कंट्रोल रूम जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
इन तकनीकों के माध्यम से युवा इंजीनियर्स सुरक्षित, स्मार्ट और अधिक कुशल कार्य प्रणालियां विकसित करने में योगदान दे रहे हैं।
35 वर्ष से कम आयु के कर्मचारियों की बड़ी हिस्सेदारी
हिंदुस्तान जिंक के 62 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी 35 वर्ष से कम आयु के हैं। कंपनी में लैंगिक विविधता अनुपात 26.3 प्रतिशत है। वहीं करीब 10 प्रतिशत नेतृत्वकारी भूमिकाओं में 35 वर्ष से कम आयु के प्रोफेशनल्स हैं।
कंपनी के अनुसार वह ऐसा कार्यस्थल विकसित कर रही है, जहां युवा प्रतिभाओं को जिम्मेदारी, सीखने के अवसर और नवाचार की स्वतंत्रता मिले। डिजिटलाइजेशन और ऑटोमेशन के दौर में कंपनी बड़े औद्योगिक वातावरण के भीतर स्टार्टअप जैसी कार्य संस्कृति को भी बढ़ावा दे रही है।
अधिकारियों के अलावा कंपनी के इंजीनियरिंग इकोसिस्टम को 423 से अधिक गैर-अधिकारी कर्मचारी भी मजबूत करते हैं। ये कर्मचारी माइंस और स्मेल्टर्स में महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं।
अमरेंदु प्रकाश ने युवा इंजीनियर्स की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
हिंदुस्तान जिंक के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि आज का इंजीनियर ऐसे उद्योग में कदम रख रहा है, जो तेजी से बदल रहा है। हिंदुस्तान जिंक में युवा इंजीनियर्स नई सोच और नए दृष्टिकोण के साथ जटिल चुनौतियों के समाधान खोज रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनी की जिम्मेदारी है कि युवा प्रतिभाओं को ऐसा वातावरण मिले, जहां उनकी जिज्ञासा, तकनीकी क्षमता और महत्वाकांक्षा नवाचार में बदल सके और मेटल एवं माइनिंग उद्योग का भविष्य मजबूत हो।
‘एम्प्लॉयी फर्स्ट’ नीति के तहत करियर विकास
कंपनी की ‘एम्प्लॉयी फर्स्ट’ नीति कर्मचारियों को जीवन के विभिन्न चरणों में समान अवसर और करियर विकास प्रदान करने पर केंद्रित है। महिलाओं को विभिन्न शिफ्टों और महत्वपूर्ण परिचालन भूमिकाओं में अवसर देने के साथ लचीले कार्य घंटे, स्पाउस हायरिंग और बच्चों की देखभाल के लिए एक वर्ष तक के अवकाश जैसी सुविधाएं लागू की गई हैं।
कंपनी के अनुसार मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाली नीतियों के साथ कर्मचारियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार विभिन्न व्यवसायिक कार्यों में भूमिका बदलने के अवसर भी दिए जाते हैं।
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