
Mumbai , 25 जुलाई . Mumbai में साइबर ठगों ने एक 73 वर्षीय टूर एंड ट्रैवल कारोबारी को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ऐसा डराया कि उन्होंने 14 दिनों के भीतर 7.9 करोड़ रुपए गंवा दिए. अंधेरी निवासी इस कारोबारी से हुई साइबर ठगी की जांच अब Mumbai की वेस्ट साइबर Police कर रही है.
शिकायत के अनुसार, 5 जुलाई को कारोबारी को व्हाट्सऐप पर एक कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली Police का अधिकारी बताया और कहा कि उनका नाम जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल से जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सामने आया है. कॉल करने वाले की व्हाट्सऐप प्रोफाइल पर दिल्ली Police की तस्वीर लगी हुई थी, जिससे कारोबारी को उस पर विश्वास हो गया.
इसके बाद ठगों ने उन्हें यह कहकर डराया कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए किसी को भी इसकी जानकारी न दें. कई दिनों तक वीडियो कॉल के जरिए उनकी पूछताछ की गई. एक व्यक्ति (जिसने अपना नाम राहुल गुप्ता बताया) ने दावा किया कि कारोबारी के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एक सरकारी बैंक में खाता खोला गया है, जिसमें 7 करोड़ रुपए जमा हैं. उसने जल्द गिरफ्तारी की धमकी भी दी.
ठगों ने कारोबारी को डर के माहौल में रखा और लगातार पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया. उन्होंने Enforcement Directorate (ईडी) और Supreme Court के नाम से फर्जी दस्तावेज भी भेजे. वहीं, खुद को दिल्ली साइबर Police की अधिकारी निशा गुप्ता बताने वाली एक महिला ने कहा कि अदालत के आदेश के तहत जांच के लिए कारोबारी अपने सभी म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट और बैंक खातों की रकम बताए गए निजी बैंक खातों में ट्रांसफर करें. इस दावे को सही साबित करने के लिए एक फर्जी Supreme Court का आदेश भी भेजा गया.
लगातार दबाव और डर के कारण कारोबारी ने 7 जुलाई से 16 जुलाई के बीच छह अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 7.9 करोड़ रुपए ठगों द्वारा बताए गए निजी बैंक खातों में भेज दिए.
इस पूरे धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ, जब 18 जुलाई को वेस्ट साइबर Police के अधिकारी उनके घर पहुंचे और उन्हें बताया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं. इसके बाद भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर वेस्ट साइबर Police ने 21 जुलाई को First Information Report दर्ज कर जांच शुरू की. Police ने ठगी गई 7.9 करोड़ रुपए की रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.
Mumbai Police ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है. भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र से मिली सूचना के आधार पर First Information Report दर्ज की गई है और ठगी गई 7.9 करोड़ रुपए की राशि को रिकवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
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एएस
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