
राजौरी, 16 अप्रैल . जम्मू-कश्मीर के नौशेरा क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व Police बल (सीआरपीएफ) की 72वीं बटालियन ने ‘नागरिक कार्य कार्यक्रम 2025-26’ के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण ‘नशा मुक्ति अभियान’ का आयोजन किया. यह कार्यक्रम नौशेरा स्थित ‘क्राइस्ट हाई स्कूल’ में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं और स्थानीय नागरिकों को नशीले पदार्थों के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक करना और एक नशामुक्त समाज की दिशा में प्रेरित करना था.
कार्यक्रम का उद्घाटन 72वीं बटालियन के कमांडेंट जितेंद्र सिंह यादव के मार्गदर्शन में सेकंड कमांडेंट नीरज कुमार सिंह द्वारा किया गया. इस अवसर पर 72वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट कपिल देव, असिस्टेंट कमांडेंट तेजा राम चौधरी, अन्य अधीनस्थ अधिकारी तथा जवान भी मौजूद रहे. स्कूल के प्रिंसिपल सुजीत मैथ्यू, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, स्थानीय गणमान्य व्यक्ति, विभिन्न विभागों के अधिकारी और आम नागरिकों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया.
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों और बच्चों को सम्मानित किया गया. नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संदेश को मजबूत करने के लिए प्रतिभागियों को निकोटीन गम, ओआरएस, टी-शर्ट, टोपी, टॉफी, चॉकलेट और जागरूकता संबंधी पर्चे वितरित किए गए.
मीडिया को संबोधित करते हुए सेकंड कमांडेंट नीरज कुमार सिंह ने कहा, “सीआरपीएफ केवल आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं निभाती, बल्कि सामाजिक विकास और जन-कल्याण के कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाती है. नशा मुक्ति अभियान ऐसे ही प्रयासों का हिस्सा है. हमारा लक्ष्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है.”
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशीले पदार्थों से दूर रहें और अपने भविष्य को सुरक्षित बनाएं. उन्होंने सभी उपस्थित नागरिकों और स्कूल प्रबंधन का आभार व्यक्त किया और कहा कि सीआरपीएफ भविष्य में भी ऐसे जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन जारी रखेगी.
स्थानीय नागरिकों ने सीआरपीएफ की इस पहल की खूब सराहना की. उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान युवाओं के लिए बेहद उपयोगी हैं और भविष्य में भी सीआरपीएफ द्वारा ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं.
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एससीएच
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