पहले चरण के लिए मतदान सोमवार को, रमन सिंह सहित 190 प्रत्य़ाशी मैदान में

रायपुर, 11 नवंबर (उदयपुर किरण). छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 18 विधानसभा सीटों पर सोमवार को मतदान होगा और 190 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटी में बंद हो जाएगी. इस चरण में बस्तर संभाग की 12 और राजनांदगांव जिले की छह विधानसभा सीटों के लिए मतदान किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह की सीट भी शामिल है. फिलहाल इस क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को छह और कांग्रेस के पास 12 सीटें हैं.

सोमवार को जिन 18 सीटों पर मतदान होगा, उसमें मुख्यमंत्री रमन सिंह की सीट राजनांदगांव भी शामिल है. उनके खिलाफ पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला मैदान में हैं. करुणा शुक्ला पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा को छोड़ कांग्रेस में शामिल हुई थीं. इस विधानसभा सीट पर सबसे अधिक 30 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. इसके अलावा दंतेवाड़ा सीट पर भी सबकी निगाहें हैं, क्योंकि यहां से मौजूदा विधायक देवती कर्मा कांग्रेस की उम्मीदवार हैं. देवती कर्मा दिवंगत नेता महेंद्र कर्मा की पत्नी हैं, जिनकी नक्सली हमले में मौत हो गई थी.

देवती कर्मा के खिलाफ भाजपा ने भीमा मंडावी को अपना उम्मीदवार बनाया है. इनके अलावा भाजपा ने दो वर्तमान मंत्रियों महेश गागड़ा (बीजापुर), केदार कश्यप (नारायणपुर) और वर्तमान विधायकों संतोष बाफना (जगदलपुर), सरोजनी बंजारे (डोंगरगढ़) को टिकट दिया है. कांग्रेस ने अपने नौ वर्तमान विधायकों को फिर से टिकट दिया है, जिसमें मनोज मंडावी (भानुप्रतापपुर), मोहन मरकाम (कोंडागांव), लखेश्वर बघेल (बस्तर), दीपक कुमार बैज (चित्रकोट), देवती कर्मा (दंतेवाड़ा) शामिल हैं.

नक्सल समस्या को देखते हुए चुनाव आयोग ने 10 विधानसभा क्षेत्रों मोहला-मानपुर, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केसकाल, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंटा में मतदान का समय सुबह 7 बजे से लेकर अपराह्न 3 बजे तक तो बाकी क्षेत्रों खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, खुज्जी, बस्तर, जगदलपुर और चित्रकोट में मतदान का समय सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक का रखा है. वहीं नक्सलियों ने चुनाव के बहिष्कार का आह्वान किया है और पिछले 15 दिनों के दौरान आधा दर्जन हमले भी किए हैं. इस चरण की सीटों पर नक्सलियों का काफी प्रभाव है.

30 अक्टूबर को दंतेवाड़ा के अरनपुर क्षेत्र में हुए नक्सली हमले में डीडी के कैमरामैन और 3 पुलिसकर्मी मारे गए थे. उससे पहले 27 अक्टूबर को बीजापुर जिले में नक्सलियों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक बुलेटप्रूफ बंकर वाहन को विस्फोट से उड़ा दिया था, जिसमें सीआरपीएफ की 168वीं बटालियन के चार जवान मारे गए थे. 8 नवम्बर को 4 नागरिक और सीआईएसएफ का एक जवान दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों द्वारा किये गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्रोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट में मारे गए थे. इसके अलावा मतदान से एक दिन पहले भी नक्सलियों ने कांकेर और बीजापुर में भी हमला किया, जिसमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एक जवान और एक पुलिसकर्मी घायल हुआ है.

नक्सली खतरे को देखते हुए बस्तर क्षेत्र के ज्यादातर मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), मतदान कर्मियों और अन्य मतदान सामग्रियों को हेलीकाप्टर द्वारा ले जाया गया है. चुनाव के दौरान सुरक्षा के लिए अर्द्धसैनिक बलों की 700 कंपनियां तैनात की गई हैं. मतदान केंद्रों की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल भी किया जा रहा है. प्रथम चरण के चुनाव के लिए 4 हजार 336 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं.

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