थल सेना में शामिल हुई दो आधुनिक तोप

मुंबई, 09 नंवबर (उदयपुर किरण). सीमा पर बढ़ती चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए भारतीय थल सेना ने अपनी ताकत बढ़ानी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में विदेश में निर्मित दो अत्याधुनिक तोप थल सेना के काफीले में शामिल की गई हैं. नाशिक के देवलाली भारतीय तोपखाना प्रशिक्षण केंद्र में 777 अल्ट्रालाइट होवित्जर और के 9 बज्र तोप थल सेना के बेडे़ में शामिल की गई.
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और थल सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बिपीन रावत की उपस्थिती में यह दोनों तोप केंद्र को हस्तांतरित की गई. देवलाली तोपखाना परिसर में भव्य समारोह का आयोजन किया गया था. केंद्र परिसर में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे. कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष भामरे भी मौजूद थे. इस अवसर पर 4 शक्तिशाली तोप का प्रदर्शन किया गया. इस दौरान 17.4 किलोमीटर का लक्ष्य केवल 4 सेंकेंड में भेदा गया. दूसरी तोप से 27 किलोमीटर का लक्ष्य 13 सेंकेंड में और तीसरी तोप से 38 किलोमीटर का लक्ष्य केवल 12 सेकेंड में भेदा गया. इसीतरह 155 मिलिमीटर पॉवर बोफोर्स तोप ने 14 सेकेंड में 38 किलोमीटर का लक्ष्य भेदा. दक्षिण कोरिया से खरीदी गई वज्र तोप ने केवल 9 सेकेंड में लक्ष्य को भेद दिखाया.
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारतीय रक्षा विभाग आधुनिकता की तरफ बढ़ रहा है. तीस साल बाद, भारतीय सेना में दो नई अत्याधुनिक तोप शामिल हुई हैं. भारत में 90 बंदूकें तैयार होंगी. दक्षिण कोरिया से ली गई तोप 4367 करोड़ रुपए की लागत से मेक इन इंडिया के तहत नई 90 तोप अब देश में असेंबल की जाएंगी. सेना प्रमुख जनरल बिपीन रावत के मुताबिक अगले वर्ष भारतीय सेना में ‘धनुष’ आधुनिक तोप शामिल होगी. डीआरडीओ’ के तहत नई 2 तोपें देश बनाई जाएंगी. सेना का आधुनिकीकरण किया जा रहा है. युद्ध रणनीति की ताकत बढ़ी है.

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