पोंजी स्कीम चलाने वाले पिता-पुत्र की संपत्ति जब्त

मुंबई, 09 नवंबर (उदयपुर किरण). प्रवर्तन निदेशालय की ओर से बताया गया है कि विदेशी मुद्रा में व्यापार करनेवाली कई कंपनियों ने आरबीआई, बीएसई की आंखों में धूल झोंकते हुए बड़े पैमाने पर पोंजी स्कीम चलाकर निवेशकों को करोड़ों रुपए की चपत लगाई है. ईडी की बैंगलोर क्षेत्रीय कार्यालय ने जानकारी के आधार पर आयकर विभाग के सहयोग से मेसर्स एंबिडेंट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के कई परिसरों पर तलाशी अभियान शुरू किया और 1.97 करोड़ रुपए की संपत्तियों के साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं. कंपनी का संचालन सैयद फरीद अहमद और सैयद अफाक अहमद की ओऱ से किया जा रहा था. कंपनी के संचालकों ने पोंजी स्कीम के लिए इस्लामी बैंक के नाम का भी प्रयोग किया और अब तक 9,54,05,13,321 रुपए का निवेश करवाया है.

ईडी की ओऱ से बताया गया – पुत्र सैयद फरीद अहमद और सैयद अफाक अहमद ने एंबिडेंट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर कई फर्जी कारोबार किया और पोंजी स्कीमों के नाम पर हजारों निवेशकों के साथ चीटिंग की है. इससे पहले भी 04-05 जनवरी 2018 को मेसर्स एंबिडेंट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. इन दोनों ने भारत में भारत सहित विदेशों में मेसर्स एंबिडेंट कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, मेसर्स एंबिडेंट मार्केटिंग एंड ट्रेडिंग कंपनी, मेसर्स पेरीनेट टेक्नोलॉजीज, मेसर्स प्रॉफिट थीम, मेसर्स अम्मर एंटरप्राइजेज, मेसर्स एंबिडेंट ग्लोबल सोल्यूशंस, मेसर्स एंबिसेल्टर, मेसर्स एंबिगोल्ड, मेसर्स वेबवर्ल्ड, मेसर्स एंबिडेंट मार्केटिंग फाइनेंशियल सर्विसेज एलएलसी (नवरा टॉवर, अल क्वेसिस, बुस्टन दुबई) के नाम कऊ फर्जी फर्मों को भी शुरू किया था. सितंबर 2017 से इन कंपनियों की मदद से बड़े पैमाने पर कैश ट्रांजेक्शन किया गया और निवेशकों से रकम जमा की गई.

ईडी ने दोनों के खिलाफ फेमा के उल्लंघन के तहत केस दर्ज किया है. पिता- पुत्र के खिलाफ 6,62,146 अमरीकी डॉलर (4,20,46,271 रुपए, 63.50 प्रति अमरीकी डॉलर की दर से) विदेशी मुद्रा का अवैध व्यापार करते हुए निवेशकों को चपत लगाई गई है. दोनों ने आरबीआई की अनुमति के बिना ही भारत के साथ ही विदेशों में भी कंपनियां खोल कर निवेश करवाया. विदेशी फंड निवेश के लिए इन कंपनियों की ओर से न तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से ही इजाजत ली गई थी और न ही इसके लिए केंद्र सरकार का ही अनुमोदन मिला था. दोनों ने दुबई में कई फर्म का गठन किया था. ईडी की जांच से दोनों की जालसाजी का पता चला.

ईडी ने हाल ही में आरबीआई को भी इस मामले में ध्यान देने और कड़ी कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है. पीएमएलए अधिनियम की विभिन्न धाराओं के साथ ही फेमा कानून के उल्लंघन का मामला दर्ज करते हुए कर्नाटक पुलिस ने पोंजी निवेश योजना से संबंधित एफआईआर को एकत्रित कर स्वतंत्र जांच शुरू की है. निवेशकों को 12 फीसदी तक का बेहतर रिटर्न देने का झांसा दिया गया था. निवेश और स्कीम की पेशकश के बाद निवेशकों से इलेक्ट्रॉनिक मोड, चेक एवं कैश के माध्यम से रकम एकत्रित की गई. सामूहिक निवेश योजना के बारे में आरबीआई औऱ सेबी को कोई जानकारी नहीं है. इन जालसाजों ने 20 फरवरी 2016 से अब तक कुल 9,54,05,13,321 रुपए का निवेश करवाया है. इसके लिए इन लोगों ने इस्लामी बैंक के नाम का भी प्रयोग किया.

http://udaipurkiran.in/hindi

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*