नोटबन्दी की दूसरी बरसी पर व्यापारियों ने हाथों में कटोरा लेकर किया विरोध प्रदर्शन

कानपुर, 09 नवम्बर (उदयपुर किरण). नोटबन्दी को देश को तबाह और बर्बाद करने वाला तुगलकी फैसला बताते हुए शुक्रवार को समाजवादी पार्टी और प्रान्तीय व्यापार मण्डल से जुड़े व्यापारियों ने नोटबन्दी की दूसरी बरसी पर काला दिवस मनाया. काला दिवस मनाते हुए हाथों में व्यापारियों ने कटोरा और कैंडिल लेकर विरोध प्रदर्शन किया.

साकेत नगर में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे समाजवादी पार्टी के प्रचारक और प्रान्तीय व्यापार मण्डल के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता ने कहा कि आज से एक दिन पूर्व 500 और 1000 रुपए के नोट जो चलन में थे उसको प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा चलन से बाहर किया जाना बेहद गैर जिम्मेदाराना और तुगलकी फैसला था. आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार नोटबंदी के दौरान 15 लाख 41 हजार करोड़ के (500,1000) नोट चलन में थे जिसमें 15 लाख 31 हज़ार करोड़ के नोट वापस आ गए मतलब कि 99 प्रतिशत वापस आ गये. देश की जीडीपी में 2 प्रतिशत की गिरावट आई. जिसके चलते छोटे-छोटे उद्योग धंधे बंद हो गये, जिससे बड़ी संख्या मे मजदूर और और छोटे व्यापारी बेरोजगार हुए.

कितने लोग एटीएम की लाइन में अधिक समय तक खड़े रहने के कारण अपनी जान गंवा बैठे. कितने मरीजों ने अस्पताल में समय से दवा ना मिलने पर दम तोड़ दिया. कितनी बहनों की शादियां टूट गईं. किसानों की खेती पर बुरा असर पड़ा. नोटबंदी के दौरान मोदी जी ने कहा था सिर्फ मुझे आप 50 दिनों का समय दे कालाधन, भ्रष्टाचार, आतंकवाद,नक्सलवाद सब खत्म हो जायेगा और कैशलेस समाज का निर्माण होगा, लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं हुआ बल्कि देश बर्बाद हुआ और उल्टा चीन, पाकिस्तान जैसे देशों को फायदा हुआ.

व्यापारियों ने मांग रखी कि प्रधानमंत्री मोदी देश से इस बिना सोचे समझे गैर जिम्मेदाराना तरीके से लागू की गई नोटबन्दी के लिये माफी मांगें. इस अवसर पर प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय बिस्वारी, प्रदेश महासचिव हरप्रीत सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष जीतेंद्र सिंह संधू, उपेन्द्र दुबे, क़ानपुर मण्डल अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, मण्डल महासचिव महेश गुप्ता, कानपुर ग्रामीण अध्यक्ष विनय कुमार, अंकुर गुप्ता आदि मौजूद रहे.

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