निम्बाहेड़ा में दो जिंदा कारतूस व हथियार के साथ न्यूज चैनल की चित्तौडग़ढ़ ब्यूरो हेड महिला गिरफ्तार

चित्तौड़गढ़, 09 नवम्बर (उदयपुर किरण). जिले की निम्बाहेड़ा कोतवाली थाना पुलिस ने महिला को दो जिंदा कारतूस व अन्य हथियार के साथ गिरफ्तार किया है. मामले में पुलिस ने आम्र्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है. पुलिस ने इसके पति को भी नामजद कर तलाश शुरू कर दी है, जो मौके से फरार हो गया था. उक्त महिला पहले भी हत्या के मामले में गिरफ्तार हो चुकी है.

निम्बाहेड़ा कोतवाली थानाधिकारी दर्शनसिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक मनोजकुमार चौधरी की ओर से अवैध हथियार की धरपकड़ की कार्रवाई के लिए सूचना तंत्र लगाए थे. इस पर पुलिस ने गत छह अक्टूबर को कोटा निवासी गौरव शर्मा, योगेश कुमार व सुरेन्द्रसिंह के कब्जे से एक पिस्टल मय कारतुस बरामद कर आम्र्स एक्ट में प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया था. पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने उक्त पिस्तौल बापू बस्ती निम्बाहेड़ा हाल इशाकाबाद निम्बाहेड़ा निवासी शाहीना पत्नी कासम मुसलमान से खरीदने की बात स्वीकार की. इस पर पुलिस ने शाहीना को नामजद कर तलाश शुरू कर दी. गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि शाहीना अपने मकान ईशाकाबाद पर आई हुई है. इस पर निम्बाहेड़ा डिप्टी गोपीचंद मीणा के निर्देश पर एएसआई भारतसिंह ने जाप्ते के साथ इशाकाबाद पहुंच शाहीना के मकान पर दबिश दी. पुलिस को देखा शाहीना भागने लगी, जिसके हाथ में एक बैग था.

पुलिस ने इसे रोक कर बैग की तलाशी ली तो उसमें से दो जिंदा कारतूस, दो खटकेदार चाकू व एक तेजधार दार घन्डासा मिला. मौके से शाहीना का पति कासम मौके से फरार हो गया. पुलिस ने कारतूस व हथिया जब्त कर आम्र्स एक्ट में प्रकरण दर्ज कर शाहीना को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में इसने हथियार पति कासम के बताए. पुलिस ने इसे भी नामजद किया है. निम्बाहेड़ा कोतवाल दर्शनसिंह ने बताया कि शाहीना वर्तमान में स्वयं को एक न्यूज चैनल का चित्तौडग़ढ़ ब्यूरो हेड बता रही है. पुलिस ने इसे गुरुवार को ग्राम न्यायालय चित्तौड़गढ़ में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजने के आदेश दिए हैं.

हत्या के मामले में भी हुई थी गिरफ्तारी

पुलिस जांच में सामने आया कि शाहीना फाइनेंस का काम भी करती थी, जिससे कि वह गैंगस्टर भानूप्रताप के सम्पर्क में आई थी. पूर्व में झालावाड़ के डूंडा खानपुर निवासी भानूप्रतापसिंह ने लाला बैरागी की हत्या की, जिसका प्रकरण कोटा के उद्योगनगर थाने में दर्ज हुआ था. इस मामले में बृजराजसिंह चश्मदीद गवाह था, इस कारण रंजिश थी. इसी रंजिश के कारण गैंगस्टर भानूप्रतापसिंह व इसके साथियों ने चित्तौडग़ढ़ जिले के मेनाल के जंगलों में धोखे से बुला कर बृजराजसिंह व उसके साथी जितेन्द्रसिंह उर्फ पिंटू की गोली मार कर हत्या कर दी थी. इस मामले में भी शाहीना शामिल थी. इस मामले को लेकर बेगूं थाने में 2009 में प्रकरण दर्ज हुआ था. इस मामले में गैंगस्टर भानूप्रतापसिंह, इसके साथियों के साथ शाहीना को भी गिरफ्तार किया था. हत्या के इस मामले में वह चित्तौडग़ढ़ व उदयपुर जेल में बंद रही. जेल में रहते हुए शाहीना कासम मेव हरियाणा के सम्पर्क में आई, जिससे शादी कर ली. जमानत पर रिहा होने के बाद वह निम्बाहेड़ा में रह रही थी. शाहीना का पति कासम भी आपराधिक प्रवृति का होकर इसके विरुद्ध चोरी, लूट, हत्या के मामलों में चालान हो रखा है.

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