तेलंगाना के 6 विधायकों के पास है 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति – indias.news

हैदराबाद, 6 दिसंबर . कांग्रेस पार्टी के गद्दाम विवेकानंद नवनिर्वाचित तेलंगाना विधानसभा में सबसे अमीर विधायक हैं, जिनकी घोषित पारिवारिक संपत्ति 606 करोड़ रुपये से अधिक है.

नामांकन दाखिल करते समय एक हलफनामे में चुनाव आयोग को दी गई जानकारी के अनुसार, 119 विधायकों में से छह विधायकों के पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है. उनमें से पांच सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी से हैं और एक भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) से है.

सोलह विधायकों के पास 50 करोड़ से 100 करोड़ रुपये तक की संपत्ति है. कम से कम 90 लोगों के पास 50 करोड़ रुपये से कम की संपत्ति है और केवल सात ऐसे हैं जिन्होंने 1 करोड़ रुपये से कम की संपत्ति घोषित की है.

चुनाव से एक महीने पहले ही भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले विवेकानंद मंचेरियल जिले के चेन्नूर निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए थे.

विवेक, जैसा कि उद्योगपति राजनेता लोकप्रिय रूप से जाने जाते हैं, विसाका इंडस्ट्रीज लिमिटेड के संस्थापक और अध्यक्ष हैं. उनकी पत्नी सरोजा कंपनी की प्रबंध निदेशक हैं.

66 वर्षीय पूर्व सांसद के पास उस्मानिया विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की डिग्री भी है.

2009 में कांग्रेस के टिकट पर पेद्दापल्ली से लोकसभा के लिए चुने गए विवेक कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत जी. वेंकटस्वामी के बेटे हैं.

विवेक के भाई और पूर्व मंत्री जी. विनोद भी कांग्रेस से हैं, जो सबसे अमीर विधायकों में से एक हैं. बेल्लमपल्ली से निर्वाचित, उन्होंने 197 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की.

458 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ कांग्रेस पार्टी के कोमाटिरेड्डी राजगोपाल रेड्डी दूसरे सबसे अमीर विधायक हैं. वह नलगोंडा जिले के मुनुगोडे निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए थे.

उन्होंने भी चुनाव से एक महीने पहले बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में वापसी की थी. भाजपा में शामिल होने से पहले वह पिछले साल अगस्त तक कांग्रेस में थे लेकिन मुनुगोडे से उपचुनाव हार गए.

कांग्रेस पार्टी के पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी तीसरे सबसे अमीर विधायक हैं, जिनकी घोषित पारिवारिक संपत्ति लगभग 434 करोड़ रुपये है.

खम्मम जिले के पलेयर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतने वाले पोंगुलेटी कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए सत्तारूढ़ पार्टी बीआरएस द्वारा निलंबित किए जाने के कुछ महीने बाद जुलाई में कांग्रेस में शामिल हो गए थे.

12वीं कक्षा उत्तीर्ण पोंगुलेटी ने हलफनामे में बताया कि वह कृषक, सामाजिक कार्यकर्ता और व्यवसायी हैं जबकि उनकी पत्नी कृषक और व्यवसायी हैं.

कांग्रेस पार्टी के पूर्व मंत्री पी. सुदर्शन रेड्डी की कुल संपत्ति 102 करोड़ रुपये से अधिक है. वह बोधन निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए थे.

मेडक सांसद के. प्रभाकर रेड्डी, जो दुब्बाक से चुने गए हैं, 100 करोड़ रुपये से अधिक क्लब में अकेले बीआरएस विधायक हैं. उन्होंने 197 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी.

बीआरएस पार्टी के मल्ला रेड्डी, जो केसीआर कैबिनेट में मंत्री थे और इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य पेशेवर कॉलेजों और अस्पतालों की श्रृंखला के मालिक हैं, ने पारिवारिक संपत्ति 95.93 करोड़ रुपये घोषित की थी. मल्ला रेड्डी, जिन्होंने केवल 12वीं कक्षा की पढ़ाई की थी, बीआरएस टिकट पर मेडचल निर्वाचन क्षेत्र से फिर से चुने गए.

मल्ला रेड्डी के दामाद मैरी राजशेखर रेड्डी, जो बीआरएस टिकट पर मल्काजगिरि निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए थे, ने कुल पारिवारिक संपत्ति लगभग 97 करोड़ रुपये घोषित की है.

ग्रेटर हैदराबाद में सेरिलिंगमपल्ली निर्वाचन क्षेत्र से फिर से निर्वाचित, बीआरएस के अरेकापुडी गांधी ने 85 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की.

बीआरएस के ही बी. लक्ष्मा रेड्डी भी 85 करोड़ रुपये की पारिवारिक संपत्ति के मालिक हैं. वह ग्रेटर हैदराबाद के उप्पल से चुने गए हैं.

दिलचस्प बात यह है कि सबसे कम घोषित संपत्ति वाले तीन विधायक भी कांग्रेस पार्टी से हैं. ये तीनों अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए थे. आदिलाबाद जिले के खानापुर निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित वेदमा भोज्जू ने 24 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की थी. देवरकोंडा से चुने गए बालू नाइक और असवाराओपेट से चुने गए आदिनायारन जरे के पास क्रमशः 28 लाख रुपये और 56 लाख रुपये की संपत्ति है.

एसजीके